
रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597

मनावर। जिला धार। शहर में बढ़ते यातायात दबाव, आए दिन लगने वाले जाम और भारी वाहनों की आवाजाही से होने वाली दुर्घटनाओं के बीच मनावर रिंग रोड (बायपास) की मांग को लेकर विधायक डॉ. हीरालाल अलावा लगातार प्रयासरत हैं। वर्ष 2019 से अब तक उन्होंने मुख्यमंत्री, मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को कई बार पत्र लिखकर रिंग रोड को स्वीकृत कराने की मांग की है। साथ ही खलघाट-मनावर-अलीराजपुर मार्ग को फोरलेन करने का मुद्दा भी लगातार उठाया है। विधायक के प्रयासों का सिलसिला वर्ष 2019 से शुरू हुआ। उनके पत्र और मौखिक आग्रह के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा जुलाई 2019 में मनावर रिंग रोड को स्वीकृति दी गई थी। लोक निर्माण विभाग भोपाल के 18 जुलाई 2019 के पत्र में 10 किमी लंबी रिंग रोड की अनुमानित लागत 600 लाख रुपए तथा आवश्यक अनुदान राशि 100 लाख रुपए प्रस्तावित की गई थी। बाद में नए सड़क एसओआर और नए एलाइनमेंट के आधार पर रिंग रोड की लंबाई 12.40 किमी करते हुए 6446.05 लाख रुपए का प्राक्कलन तैयार कर प्रमुख अभियंता कार्यालय को भेजा गया। हालांकि इसके बाद भी रिंग रोड का निर्माण शुरू नहीं हो सका।
*हादसों और जाम को लेकर बार-बार सरकार का ध्यान खींचा* 15 जून 2022 को विधायक ने तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर मनावर में हो रही दुर्घटनाओं को देखते हुए अतिक्रमण हटाने और पूर्व में स्वीकृत रिंग रोड का निर्माण शुरू करने की मांग की। 30 जनवरी 2023 को बजट 2023-24 में रिंग रोड को शामिल करने की मांग दोहराई गई।
9 जनवरी 2024 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव को पत्र भेजा गया। 17 अगस्त 2024 को भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर बायपास की स्वीकृति की मांग की गई। इसके बाद 27 मार्च, 10 अप्रैल और 16 अप्रैल 2025 को भी लगातार पत्राचार किया गया।
*2025 में फोरलेन की मांग भी हुई तेज* 10 अप्रैल 2025 के पत्र में शहर में कई घंटे लगने वाले जाम और सीमेंट से भरे ट्रेलर सहित भारी वाहनों की आवाजाही से होने वाली दुर्घटनाओं का हवाला देते हुए रिंग रोड को सर्वोच्च प्राथमिकता से स्वीकृत करने की मांग की गई। 16 अप्रैल को यातायात व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी होने का मुद्दा मुख्यमंत्री और राज्यपाल के समक्ष रखा गया।
2 नवंबर 2025 को विधायक ने मुख्यमंत्री सहित लोक निर्माण विभाग मंत्री, उपमुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजकर रिंग रोड की स्वीकृति के साथ खलघाट-मनावर-अलीराजपुर मार्ग को फोरलेन करने की मांग भी उठाई। 10 दिसंबर 2025 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को फिर पत्र लिखकर दोनों मांगों को दोहराया गया।
विधायक डॉ. हीरालाल अलावा के अनुसार, मनावर में रिंग रोड बनने से शहर के भीतर भारी वाहनों का दबाव कम होगा, जाम और दुर्घटनाओं की समस्या से राहत मिलेगी तथा क्षेत्र में आवागमन और व्यापार को नई गति मिलेगी। वहीं खलघाट-मनावर-अलीराजपुर मार्ग के फोरलेन होने से पूरे क्षेत्र के विकास को गति मिलने की उम्मीद है।

