
9 अप्रैल 2026
डिंडौरी जिला प्रशासन की सक्रिय पहल और एक स्वयंसेवी संस्था के सहयोग से तेलंगाना के भद्राद्री जिले से मजदूरों को छुड़ाकर गुरुवार को डिंडोरी लाया गया। मजदूरों के चेहरे पर घर लौटने की खुशी साफ झलक रही थी। वापस आने के बाद सभी का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया और सबसे बड़ी राहत यह रही कि उनका करीब 5 लाख 96 हजार रुपए का बकाया मजदूरी भुगतान भी दिलाया गया। इस पूरे मामले की शुरुआत 31 मार्च की जनसुनवाई से हुई, जब मजदूर श्री लखन मरावी की बेटी रोशनी ने कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया से अपने पिता और अन्य मजदूरों को वापस लाने की गुहार लगाई।
कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल श्रम, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम गठित कर कार्यवाही के निर्देश दिए। जानकारी के अनुसार मेहंदवानी जनपद पंचायत के ग्राम सुखलोंडी, पिंडरुखी और धनगांव के ये मजदूर 10 जनवरी को ठेकेदारों के साथ मिर्ची तोड़ने तेलंगाना गए थे। समय पूरा होने के बावजूद न तो उन्हें मजदूरी दी जा रही थी और न ही घर लौटने दिया जा रहा था। परेशान मजदूरों ने टोल फ्री नंबर पर शिकायत की, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और स्थानीय प्रशासन की मदद से सभी को सुरक्षित वापस लाया गया। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने मजदूरों से अपील की है कि वे ज्यादा मजदूरी के लालच में दूसरे राज्यों में जाने से बचें और किसी भी ठेकेदार के बहकावे में न आएं। उन्होंने कहा कि जिले में ही रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हैं और पात्र मजदूरों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा।