
पीड़ित को इंसाफ दिलाने के लिए एक विशाल कैंडल मार्च

जब तक मासूम के कातिलों को कड़ी से कड़ी सजा नहीं मिल जाती, उनका आंदोलन थमेगा नहीं
जहानाबाद। जिले के निजी विद्यालय में 5 साल के मासूम बच्चे के साथ हुई दरिंदगी और उसकी निर्मम हत्या ने पूरे बिहार को हिलाकर रख दिया है। इस जघन्य अपराध के खिलाफ लोगों का गुस्सा अब सड़कों पर उतर आया है। बुधवार की शाम को स्थानीय निवासियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए एक विशाल कैंडल मार्च निकाला। बुधवार शाम जहानाबाद की सड़कें मोमबत्तियों की रोशनी और ‘न्याय दो’ के नारों से गूंज उठीं। गुरुकुल हॉस्टल से शुरू हुआ यह कैंडल मार्च शहर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ कारगिल चौक तक पहुँचा. इस मार्च में समाज के हर वर्ग के लोग शामिल थे, जिनके हाथों में मासूम को न्याय दिलाने वाली तख्तियां थीं। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना था कि जब तक मासूम के कातिलों को कड़ी से कड़ी सजा नहीं मिल जाती, उनका आंदोलन थमेगा नहीं। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पूरे मार्च के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
कैंडल मार्च का नेतृत्व कर रहे जहानाबाद के राजद सांसद सुरेंद्र प्रसाद यादव ने नीतीश सरकार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि 5 साल के बच्चे के साथ हुई इस हैवानियत ने साबित कर दिया है कि बिहार में कानून का राज खत्म हो चुका है। उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग 25 साल से ‘जंगलराज’ का डर दिखाकर सत्ता में बने हुए हैं, वे आज मासूमों की जान बचाने में पूरी तरह नाकाम हैं। सांसद ने यहाँ तक कहा कि राज्य की कानून व्यवस्था की ऐसी स्थिति देखकर अब उन्हें अपने क्षेत्र में जाने में भी शर्म महसूस होती है।
सांसद ने जहानाबाद की नीट छात्रा के साथ हुए पुराने मामले का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है और सरकार संवेदनहीन बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इतनी बड़ी घटना के तीन दिन बाद भी सरकार का कोई प्रतिनिधि पीड़ित परिवार का दुख बांटने नहीं पहुँचा। उन्होंने अल्टीमेटम दिया कि यदि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा नहीं दी गई, तो राजद इस मुद्दे को सड़क से लेकर संसद तक उठाएगा। विपक्षी नेताओं ने सरकार से इस मामले में बिना किसी देरी के स्पीडी ट्रायल चलाने की मांग की है।