
पांढुर्णा में संवेदनशीलता की मिसाल: किराना व्यापारियों ने शुरू की ‘साझा चिकित्सा सहायता’ पहल
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
पांढुर्णा। सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए पांढुर्णा शहर के किराना व्यापारियों ने जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए एक मानवीय पहल शुरू की है। इस पहल के तहत व्हीलचेयर, वॉकर और ऑक्सीजन मशीन जैसे आवश्यक लेकिन महंगे चिकित्सा उपकरण अब जरूरतमंदों को निःशुल्क उपयोग के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे।
तेजी से बदलती जीवनशैली और बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं के बीच ऐसे उपकरण कई परिवारों के लिए अचानक आने वाले संकट में आर्थिक बोझ बन जाते हैं। विशेष रूप से बुजुर्ग, दिव्यांग और दुर्घटना पीड़ित मरीजों को अस्थायी रूप से इन उपकरणों की आवश्यकता होती है, लेकिन सीमित आय के कारण उन्हें खरीद पाना संभव नहीं हो पाता। ऐसे में यह पहल सामाजिक सहयोग की भावना को मजबूत करती है।

पहले दिन ही मिला लाभ
सेवा के शुभारंभ के पहले ही दिन एक बुजुर्ग महिला को वॉकर उपलब्ध कराया गया। वॉकर प्राप्त करने वाली कुसुम बाई ने बताया कि बाजार में नया वॉकर लगभग एक हजार रुपये का आता है, जिसे खरीदना हर किसी के लिए आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की इस पहल से जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।
पारदर्शी और सरल व्यवस्था
किराना एसोसिएशन द्वारा तय की गई व्यवस्था के अनुसार, जरूरतमंद व्यक्ति उपकरण की कीमत का 50 प्रतिशत सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा कर उपकरण ले जा सकता है। उपयोग पूरा होने के बाद उपकरण सुरक्षित लौटाने पर जमा की गई पूरी राशि वापस कर दी जाएगी। इससे न केवल उपकरणों का संरक्षण सुनिश्चित होगा, बल्कि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ भी मिल सकेगा।
सामाजिक एकजुटता का संदेश
यह पहल केवल सेवा नहीं, बल्कि समाज में परस्पर सहयोग और संवेदनशीलता का संदेश भी है। छोटे व्यापारी अक्सर स्थानीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं, लेकिन इस कदम से उन्होंने यह भी साबित किया है कि वे सामाजिक सरोकारों में भी अग्रणी भूमिका निभा सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस प्रकार की पहल अन्य व्यापारी संगठनों और सामाजिक संस्थाओं द्वारा भी अपनाई जाए, तो स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान हो सकती है और जरूरतमंदों को समय पर सहायता मिल सकेगी।
पांढुर्णा के किराना व्यापारियों की यह अनोखी पहल निश्चित ही समाज में सेवा, सहयोग और मानवीय मूल्यों की एक प्रेरक मिसाल बनकर उभरी है।
