

रिपोर्टर राजकुमार हमीरपुर अखंड भारत
मौदहा हमीरपुर।कोतवाली क्षेत्र के गांव इचौली स्थित मढ़ली माई मन्दिर प्रांगण में चल रहे 31 शतचंडी महायज्ञ में अंतिम दिन रामलीला महोत्सव में सोमवार को धनुष यज्ञ और लक्ष्मण-परशुराम संवाद का जीवंत मंचन किया गया। रात भर चले मंचन में परशुराम-लक्ष्मण के ऊंचे स्वर गाँव में गूंजते रहे।
रामलीला मंडली चित्रकूट के कलाकारों ने रामलीला मंचन की शुरुआत से पूर्व भारत माता गीत गाकर झांकी पेश की। उसे देखकर दर्शक मोहित हो गये। कार्यक्रम में माता सीता के स्वयंवर की तैयारी शुरू हो गयी। राजा जनक ने दूर दूर के राजाओं को आमंत्रण दिया। राजा महाराजाओं ने भागीदारी कर सीता माता के साथ विवाह करने की इच्छा जाहिर की। लेकिन माता से विवाह करने के लिए कोई भी राजा, महाराजा धनुष तोड़ना तो दूर उसे हिला भी नहीं सका। गुरु की आज्ञा लेने के बाद भगवान श्रीराम ने जैसे ही धनुष तोड़ा वैसे ही रामलीला प्रांगण में बैठे दर्शकों ने तालियां बजायी और जय श्री राम के नारे लगाये। शहनाई वादन होने लगी तथा स्त्रियां मंगल गीत गाने लगीं और राम सीता का विवाह हुआ। धनुष टूटते ही परशुराम जी आये और क्रोधित होते हुये धनुष तोड़ने वाले के बारे में पूंछा। तो नाराज लक्ष्मण का उनसे संवाद हो गया। लक्ष्मण परशुराम संवाद देरशाम तक चला l इस मंचन को देखने के लिए ग्रामीण क्षेत्र के सैकड़ों दर्शक उपस्थित रहे।
