एतत् द्वारा सूचित किया जाता है कि उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा UPTET 2026 के परिणाम में संशोधन के लिए अभ्यर्थियों द्वारा प्रत्यावेदनों के माध्यम से परिणाम संशोधन की मांग की गई है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा 06 सदस्य समिति का गठन करके प्रत्यावेदन के माध्यम से मांगे गए अनुतोष की जांच कर आख्या प्रस्तुत करने के लिए निर्देश दिए गए हैं।
जो इस प्रकार हैं
OMR SHEET मैं अनुक्रमांक के गोली अथवा प्रश्न पुस्तिका क्रमांक के गोले अथवा दोनों को त्रुटि पूर्ण भरने के संबंध में प्रत्यावेदन । आयोग द्वारा अपनाई नॉर्मलाइजेशन थीम के अंतर्गत प्राप्त स्कोर का कम होने विषयक प्रतिवेदन ।
उत्तर कूंजी के आधार पर अपने अंक कम प्राप्त करने संबंधी प्रत्यावेदन । सफल अभ्यर्थियों के परीक्षा फल प्रमाण पत्र में अपने नाम पिता पति का नाम जन्मतिथि वर्ग में गलती होने के संबंध में प्रत्यावेदन।
परीक्षणोप्रांत समिति द्वारा आयोग के सक्षम आख्या निष्कर्ष प्रस्तुत किया गया जिसके आधार पर उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा निम्न निर्णय लिए गए
श्रेणी एक के अंतर्गत प्राप्त प्रत्यावेदनों पर आयोग का निर्णय है कि आयोग द्वारा जारी विज्ञापन में अभ्यर्थियों को अनेक माध्यम से ओएमआर उत्तर पत्रक को भरने चिन्हित करने संबंधी निर्देश प्रदान करते हुए पूर्ण विधि समझाए गए एवं उत्तर पत्रक भरने हेतु सावधानियां अंकित की गई साथ ही निर्देश प्रदान किए गए की ओ एम आर उत्तर पत्रक में अनुक्रमांक प्रश्न पुस्तिका क्रमांक को ना भरे। गलत भरने की दशा में ओएमआर का मूल्यांकन नहीं होगा।
जिसके लिए अभ्यर्थी स्वयं उत्तरदाई होगा ।क्योंकि मूल्यांकन प्रोसेसिंग प्रक्रिया पूर्णता ऑटोमैजेशन पर आधारित है ।अतः आयुक्त द्वारा दिए गए परीक्षा से पूर्व निर्देश विभिन्न माननीय न्यायालयो द्वारा ओएमआर मूल्यांकन संबंधी निर्णय के आलोक में आयोग द्वारा उक्त श्रेणी के अनुतोष को स्वीकार किए जाने योग्य नहीं पाया गया। श्रेणी 2 3 के अंतर्गत प्राप्त प्रत्यावेदनों पर आयोग द्वारा परीक्षा आयोजित होने से पूर्व अपनी विज्ञप्ति में उल्लेख किया गया कि यदि परीक्षा एक से अधिक पालियां में आयोजित की जाती है तो अभ्यर्थियों के तुलनात्मक हेतु स्कोर नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया लागू होगी।
विभिन्न फलियां में प्रस्तुत प्रश्न पत्रों के कठिनाई स्टार के तुलनात्मक मूल्यांकन हेतु उच्च स्तर के सॉफ्टवेयर आधारित वैज्ञानिक सूत्र का प्रयोग करते हुए मूल्यांकन कर परीक्षाफल तैयार किया गया। अन्य परीक्षा संस्थाओं द्वारा अपनई गई उक्त प्रक्रिया को विभिन्न माननीय न्यायालयो द्वारा भी सही माना गया।
यह एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है अतः नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया में कुछ अभ्यर्थियों के अंक कम होना और कुछ अभ्यर्थियों के अंक अधिक होना स्वाभाविक है ।आयोग द्वारा कहां गया कि दो और तीन में मांगा गया अनुटोश ग्राह्य नहीं है। श्रेणी संख्या चार के अंतर्गत आयोग का निर्णय है कि सफल अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र में नाम पिता पति का नाम जन्मतिथि वर्ग एवं श्रेणी में हुई त्रुटियों के सुधार हेतु आयोग के पोर्टल के माध्यम से शीघ्र ही ऑनलाइन आवेदन प्राप्त किए जाएंगे जिनको अभ्यर्थियों द्वारा स्वयं भरकर संशोधित प्रमाण पत्र द्वारा प्राप्त किया जा सकता है।
