
डिंडौरी कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक लेकर जिले में संचालित विभिन्न शासकीय योजनाओं, विकास कार्यों एवं जनहित से जुड़े प्रकरणों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की। बैठक में सीईओ जिला पंचायत दिव्यांशु चौधरी, अपर कलेक्टर जेपी यादव, संयुक्त कलेक्टर सुश्री भारती मेरावी, डिप्टी कलेक्टर वैधनाथ वासनिक सहित सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों की विभागवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को अधिक समय से लंबित प्रकरणों का सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से 50 से 100 दिवस से लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए कहा कि नागरिकों की समस्याओं के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो तथा शिकायतों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर श्रीमती भदौरिया ने जन विश्वास अभियान शिविरों को शासन की योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए निर्देश दिए कि शिविर आयोजित होने से पूर्व सभी विभाग अपने-अपने लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को विभागीय योजनाओं एवं सेवाओं से संबंधित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए।
बैठक में आगामी 21 अगस्त 2026 को मेंहदवानी में आयोजित होने वाले जन विश्वास अभियान की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभियान से जुड़ी सभी तैयारियां निर्धारित समय से पूर्व पूर्ण कर ली जाएं। उन्होंने शिविर में आमजन की सुविधा, विभागीय योजनाओं की जानकारी एवं सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए कार्यक्रम को व्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से आयोजित करने के निर्देश दिए।
समय-सीमा बैठक के दौरान कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने जिले के समस्त राजस्व अधिकारियों, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक एवं पटवारियों को निर्देश दिए कि जिले के सभी कृषकों की ई-केवाईसी एवं फार्मर आईडी तैयार करने का कार्य निर्धारित समय-सीमा में अनिवार्य रूप से पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा विलंब न हो। संबंधित अधिकारी-कर्मचारी अपने क्षेत्र के कृषकों से समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्यवाही शीघ्र पूर्ण कराएं, ताकि सभी पात्र कृषकों को शासन की विभिन्न कृषि योजनाओं, अनुदान एवं अन्य सुविधाओं का लाभ समय पर प्राप्त हो सके।

