

हमीरपुर से जिला ब्यूरो चीफ राजकुमार की रिपोर्ट
हमीरपुर। प्रदेश सरकार के गड्ढा मुक्त सड़क अभियान के दावों के बीच हमीरपुर जिले में लोक निर्माण विभाग (PWD) की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। औड़ेरा-राठ तथा औड़ेरा-सैदपुर मार्ग पिछले करीब तीन वर्षों से गड्ढों में तब्दील हैं। बरसात के मौसम में इन सड़कों पर सफर करना ग्रामीणों के लिए जोखिम भरा हो गया है।ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई। उनका कहना है कि PWD खंड-2 के अधिशासी अभियंता दृगपाल सिंह वर्मा ने कई अवसरों पर मरम्मत का आश्वासन दिया, लेकिन अब तक स्थिति जस की तस बनी हुई है।ग्रामीणों के अनुसार, औड़ेरा-सैदपुर मार्ग का करीब एक वर्ष पहले नवीनीकरण कराया गया था, लेकिन सड़क की गुणवत्ता इतनी खराब रही कि वह दो माह भी नहीं टिक सकी। इसके बाद सड़क फिर से बड़े-बड़े गड्ढों में बदल गई, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं।बरसात के कारण गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटना की आशंका और बढ़ गई है। रोजाना स्कूल जाने वाले छात्र, किसान, मरीज और अन्य राहगीर जान जोखिम में डालकर इस मार्ग से गुजरने को मजबूर हैं। कई दोपहिया वाहन चालक फिसलकर चोटिल भी हो चुके हैं।ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने तथा दोनों मार्गों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक सड़कें दुरुस्त नहीं होंगी, तब तक हादसों का खतरा बना रहेगा।