

डिंडोरी: महज एक बारिश ने नगर परिषद की सफाई व्यवस्था और जल निकासी प्रबंधन की पोल खोलकर रख दी है। वार्ड क्रमांक 08, 09 में नालियों का गंदा पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों और रहवासियों के घरों तक पहुंच गया, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पूरे क्षेत्र में गंदगी, दुर्गंध और अस्वच्छ वातावरण निर्मित हो गया, जिससे नागरिकों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी हुई है।मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा 24 जून को मुख्य नगर परिषद अधिकारी को स्पष्ट निर्देश जारी कर आवश्यक कार्यवाही करने के लिए कहा गया था। इसके बावजूद नगर परिषद के संबंधित वार्ड प्रभारी एवं जिम्मेदार कर्मचारियों द्वारा अपने कर्तव्यों का निर्वहन समय पर नहीं किया गया। यदि निर्देशों के बाद नालियों की सफाई, जल निकासी व्यवस्था और आवश्यक निरीक्षण की कार्यवाही की जाती, तो ऐसी स्थिति उत्पन्न होने से रोकी जा सकती थी।
प्रशासनिक निर्देशों की अनदेखी और जमीनी स्तर पर निगरानी के अभाव ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वार्ड प्रभारियों का दायित्व था कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण कर नागरिक सुविधाओं से जुड़े विषयों का समाधान सुनिश्चित करें, लेकिन लापरवाही के कारण समस्या बढ़ती गई और अंततः बारिश के बाद इसका सीधा खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ा।
वार्ड क्रमांक 09 निवासी अधिवक्ता सम्यक जैन ने इस जनसमस्या को गंभीरता से लेते हुए नागरिकों की आवाज को मजबूती से उठाया है। उन्होंने मामले को जनहित का विषय मानते हुए मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर के रजिस्ट्रार को ई-मेल के माध्यम से जनहित याचिका के रूप में प्रेषित कर स्वतः संज्ञान लेने एवं आवश्यक हस्तक्षेप की मांग की है।
इस मामले में प्रमुख सचिव, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, वल्लभ भवन भोपाल; आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग भोपाल; संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग जबलपुर तथा मुख्य नगर परिषद अधिकारी, नगर परिषद डिंडोरी को पक्षकार बनाया गया है।
सम्यक जैन ने मांग की है कि नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना संबंधित निकाय की संवैधानिक एवं प्रशासनिक जिम्मेदारी है। इस प्रकार की लापरवाही के लिए जिम्मेदारी तय किया जाना आवश्यक है, ताकि भविष्य में नागरिकों को ऐसी समस्याओं का सामना न करना पड़े और नगर की मूलभूत व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित हो सकें।