
बैरिकेडिंग कूदकर नपा कार्यालय में घुसे कांग्रेसी;




सीएमओ को चूड़ियां पहनाने की कोशिश की
राहुल सेन मांडव
मो 9669141814
धार न्यूज/धार शहर में गुरुवार को गंदे पानी और अनियमित जल सप्लाई के मुद्दे पर कांग्रेस का आक्रोश सड़कों पर देखने को मिला। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय रहवासियों ने नगर पालिका के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष रोहित कामदार ने किया। प्रदर्शन की शुरुआत शहर के घोड़ा चौपाटी स्थित लालबाग परिसर से हुई, जहां कांग्रेस नेता, कार्यकर्ता और शहरवासी एकत्रित हुए। इसके बाद सभी प्रदर्शनकारी रैली के रूप में नगर पालिका कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में नागरिक भी शामिल रहे, जो लंबे समय से गंदे पानी और अनियमित जल प्रदाय की समस्या से परेशान हैं।
नगर पालिका पहुंचते ही प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका परिसर का घेराव कर जमकर नारेबाजी की। कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग लांघकर परिसर के भीतर पहुंच गए।घड़े फोड़कर नाराजगी जताई
वहीं महिलाओं ने नगर पालिका कार्यालय के सामने मिट्टी के घड़े फोड़कर अपनी नाराजगी जताई। प्रदर्शन के दौरान नौगांव थाना प्रभारी हीरूसिंह रावत के सिर पर एक घड़ा फूट गया, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नगर पालिका शहरवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल साबित हुई है।
इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका सीएमओ कार्यालय का घेराव कर लिया। इस दौरान कुछ महिलाओं ने सीएमओ को चूड़ियां पहनाने का प्रयास भी किया। नगरपालिका परिसर के बाहर बड़ी संख्या में चूड़ियां बिखरी नजर आईं। प्रदर्शनकारियों ने “सीएमओ विश्वनाथ सिंह मुर्दाबाद” के नारे लगाए और सीएमओ को “रीलबाज सीएमओ” कहकर भी निशाना बनाया। हालांकि पूरे घटनाक्रम के दौरान सीएमओ अपने कार्यालय से बाहर नहीं निकले, जिससे प्रदर्शनकारियों का आक्रोश और बढ़ गया।
स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। प्रदर्शन के दौरान नगर पालिका की ओर से वाटर कैनन का उपयोग किया गया और प्रदर्शनकारियों पर पानी की तेज बौछारें छोड़ी गईं। इसके बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय लोग अपनी मांगों को लेकर डटे रहे।कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया
प्रदर्शन के बाद जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष रोहित कामदार के नेतृत्व में कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया कि धार शहर के नागरिक पिछले कई दिनों से पेयजल की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। नगर पालिका द्वारा की जा रही जल सप्लाई न केवल अनियमित है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहद हानिकारक साबित हो रही है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि शहर के कई क्षेत्रों में नलों से बदबूदार, पीले रंग का और कीचड़ मिश्रित पानी आ रहा है, जो पीने योग्य नहीं है। इसके कारण नागरिक उल्टी-दस्त, टाइफाइड और अन्य जलजनित बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी लगातार लोगों द्वारा गंदे पानी की तस्वीरें और वीडियो साझा कर अपनी परेशानी जाहिर की जा रही है।
युवा कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि शहर में पांच से छह दिन के अंतराल पर मात्र 15 से 20 मिनट के लिए पानी की सप्लाई की जा रही है। भीषण गर्मी के बीच महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे पानी के लिए परेशान हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद नगर पालिका द्वारा कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया।
ज्ञापन में कहा गया कि नगर पालिका हर महीने नियमित रूप से पानी टैक्स वसूल रही है, लेकिन बदले में नागरिकों को दूषित पानी दिया जा रहा है। इसे उपभोक्ता अधिकारों काउल्लंघन और जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बताया गया।
सात दिनों का अल्टीमेटम भी दिया
युवा कांग्रेस ने मांग की कि शहर में स्वच्छ और पीने योग्य पानी की नियमित सप्लाई तत्काल सुनिश्चित की जाए। साथ ही पुरानी और जर्जर पाइपलाइन तथा फिल्टर प्लांट की उच्च स्तरीय मरम्मत कराई जाए।
ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन को सात दिनों का अल्टीमेटम भी दिया गया। चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय सीमा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो युवा कांग्रेस और शहरवासी नगर पालिका में ताला लगाओ आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।