

हमीरपुर से ब्यूरो चीफ राजकुमार की रिपोर्ट
मौदहा हमीरपुर। बार एसोसिएशन मौदहा की बैठक एल्डर कमेटी के चेयरमैन हयात अहमद एडवोकेट की मौजूदगी व सदस्य मूलचंद एड0 की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसका संचालन एडवोकेट उमाशंकर त्रिपाठी ने किया। बैठक में अधिवक्ताओं ने संगठन की एकता और सामूहिक निर्णय प्रक्रिया को मजबूत बनाए रखने पर जोर दिया। इस दौरान एडवोकेट जयप्रकाश शुक्ला, विनय तिवारी, ज्ञानचंद द्विवेदी, मूलचंद राजपूत, काज़ी अजमत और कामता प्रसाद निगम सहित कई अधिवक्ताओं ने अपने विचार रखे।

बैठक में कुछ अधिवक्ताओं की कार्यशैली को लेकर चिंता व्यक्त की गई। संघर्ष समिति अध्यक्ष हयात अहमद और बार एसोसिएशन अध्यक्ष शिवलाल पाल ने संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने तथा सामूहिक निर्णयों का सम्मान करने की आवश्यकता पर बल दिया। उपस्थित अधिवक्ताओं में 98 प्रतिशत अधिवक्ताओं ने हाथ उठाकर क्रमिक अनशन पर बैठे अधिवक्ता बरदानी प्रसाद के समर्थन में सहमति जताई। साथ ही पेशकार और उपजिलाधिकारी पर अधिवक्ता के साथ अभद्र व्यवहार का आरोप लगाते हुए इसकी निंदा की गई।
अधिवक्ताओं ने कहा कि अपर जिलाधिकारी स्तर पर वार्ता के बाद पेशकार के स्थानांतरण के उपरांत न्यायालयों में कार्य प्रारंभ कर दिया गया था और उपजिलाधिकारी के व्यवहार में सुधार का आश्वासन मिला था। हालांकि बार को संबोधित पत्र के मीडिया में पहले सार्वजनिक होने पर अधिवक्ताओं ने उपजिलाधिकारी की मंशा पर सवाल उठाकर कई प्रस्ताव रखे गए, हालांकि बार ने अंतिम निर्णय फिलहाल अपने पास सुरक्षित रखा गया, जिस कुछ अधिवक्ताओं ने आक्रोश भी जाहिर किया। वहीं क्रमिक अनशन के दूसरे दिन आज बरदानी प्रसाद के साथ वसी अहमद, रामप्रकाश प्रजापति और राकेश वर्मा धरने पर मजबूती से डटे रहे।