
कलेक्टर के मार्गदर्शन में गेहूं उपार्जन व्यवस्था सुचारु, किसानों को मिल रही सुविधाएं रबी विपणन वर्ष 2026-27: पंजीयन से लेकर उपार्जन तक प्रशासन की सतत निगरानी
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के निर्देशन में पांढुर्णा जिले में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत गेहूं उपार्जन की व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित की जा रही हैं। किसानों को उनकी उपज के विक्रय के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा आवश्यक प्रबंध किए गए हैं।

पांढुर्णा जिले में रबी विपणन वर्ष 2026-27 में 06 पंजीयन केन्द्र बनाये गये थे, जिसके माध्यम से 860 किसानों ने गेहूं विक्रय करने के लिए अपना पंजीयन कराया है। यह पंजीयन प्रक्रिया किसानों को समय पर समर्थन मूल्य पर उपज विक्रय का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से की गई।

उपार्जन केन्द्रों पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित, स्लॉट बुकिंग की प्रक्रिया जारी
पंजीकृत किसानों के गेहूं विक्रय के लिए जिले में 03 उपार्जन केन्द्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें 02 केन्द्र पांढुर्णा क्षेत्र में (शासकीय गोदाम मोरडोंगरी एवं नांदनवाड़ी) तथा 01 केन्द्र सौंसर (कृषि उपज मंडी प्रांगण) में संचालित किया जा रहा है। इन केन्द्रों के माध्यम से किसानों को सुव्यवस्थित तरीके से अपनी उपज विक्रय करने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
आज दिनांक 22 अप्रैल 2026 तक 70 किसानों द्वारा स्लॉट बुक किये जा चुके हैं, जो कि उपार्जन प्रक्रिया के प्रति किसानों की सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है। वहीं, आज दिनांक को जिले में 01 कृषक द्वारा 48.00 क्विंटल गेहूं का विक्रय किया गया है। प्रशासन द्वारा उपार्जन कार्य की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े तथा पूरी प्रक्रिया पारदर्शी एवं व्यवस्थित रूप से संचालित हो सके।


