
छपरा बिहार से डॉ देशराज बिक्रांत की रिपोर्ट
छपरा, 21 अप्रैल: बढ़ती गर्मी और संभावित हीटवेव के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। आमजन को त्वरित और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सदर अस्पताल में 6 बेड का विशेष एसी युक्त हीटवेव वार्ड तैयार किया गया है। इस वार्ड में हीट स्ट्रोक से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं पहले से ही उपलब्ध करा दी गई हैं।
डेडिकेटेड एसी वार्ड पूरी तरह तैयार
जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम अरविंद कुमार ने बताया कि इस विशेष वार्ड में ऑक्सीजन, ठंडा पेयजल के लिए फ्रिज, जीवन रक्षक दवाएं तथा आवश्यक चिकित्सा उपकरण विभागीय मानकों के अनुरूप उपलब्ध कराए गए हैं। फिलहाल हीटवेव से प्रभावित मरीजों का इलाज इमरजेंसी वार्ड में ऑन-ड्यूटी चिकित्सकों द्वारा किया जा रहा है, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर इस स्पेशल वार्ड को तत्काल पूर्ण रूप से सक्रिय कर अतिरिक्त चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी।
उन्होंने बताया कि जिले के सभी प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य केंद्रों में भी हीटवेव वार्ड स्थापित किए गए हैं और उनकी नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित उपचार सुनिश्चित किया जा सके।
दवाओं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध
सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने जानकारी दी कि हीटवेव के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए सदर अस्पताल सहित सभी स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडारण कर लिया गया है। हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के उपचार में उपयोगी जीवन रक्षक दवाएं पहले से स्टॉक में रखी गई हैं, ताकि किसी प्रकार की कमी न हो।
अस्पतालों में विशेष रूप से ORS घोल, पैरासिटामोल, आईवी फ्लूइड (सलाइन), ग्लूकोज और इलेक्ट्रोलाइट्स की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। साथ ही मरीजों के शरीर का तापमान नियंत्रित करने और त्वरित उपचार के लिए आवश्यक उपकरण भी वार्ड में मौजूद हैं।
24×7 निगरानी और सुदृढ़ इमरजेंसी सेवाएं
अस्पताल प्रबंधक राजेश्वर प्रसाद ने बताया कि स्वास्थ्य टीम 24 घंटे अलर्ट मोड में कार्य कर रही है और इमरजेंसी सेवाओं को भी सुदृढ़ किया गया है। यदि मरीजों की संख्या में वृद्धि होती है, तो विशेष वार्ड को तत्काल पूर्ण रूप से क्रियाशील कर अतिरिक्त डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती की जाएगी। सभी आवश्यक संसाधन पहले से व्यवस्थित कर दिए गए हैं।
हीटवेव के प्रमुख लक्षण
- तेज बुखार (40°C या अधिक)
- सिरदर्द और चक्कर आना
- उल्टी या मतली
- तेज धड़कन
- त्वचा का सूखा और लाल होना
- बेहोशी या भ्रम की स्थिति
हीटवेव से बचाव के उपाय
- दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें
- पर्याप्त मात्रा में पानी, ORS या अन्य तरल पदार्थ का सेवन करें
- हल्के, ढीले एवं सूती कपड़े पहनें
- धूप में निकलते समय छाता, टोपी या गमछा का उपयोग करें
- खाली पेट घर से बाहर न निकलें
- बच्चों एवं बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
हीट स्ट्रोक की स्थिति में क्या करें
- मरीज को तुरंत छायादार या ठंडी जगह पर ले जाएं
- शरीर को ठंडा करने के लिए पानी डालें या गीले कपड़े से पोंछें
- होश में होने पर ORS या पानी पिलाएं
- तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराएं
यह पहल संभावित हीटवेव के प्रभाव को कम करने और आमजन को सुरक्षित रखने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग की तत्परता को दर्शाती है।
