

हमीरपुर से ब्यूरो चीफ राजकुमार
मौदहा हमीरपुर। कोरोना काल के दौरान रेलवे द्वारा बंद किए गए ट्रेनों के ठहराव अब तक पूरी तरह बहाल न होने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोष पनप रहा है। झाँसी रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले इचौली रेलवे स्टेशन में जहाँ जबलपुर-लखनऊ चित्रकूट एक्सप्रेस 15205/15206 का ठहराव बहाल करने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मंडल रेल प्रबंधक झांसी को ज्ञापन सौंपा है।
ग्रामीणों द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया गया कि उक्त ट्रेन का इचौली स्टेशन पर पिछले कई दशकों से ठहराव था। इस ट्रेन के माध्यम से क्षेत्र के लोग सीधे प्रदेश की राजधानी लखनऊ और पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश से जुड़े हुए थे। हालांकि कोविड-19 महामारी के समय इस ठहराव को अस्थायी रूप से समाप्त कर दिया गया था, जिसे स्थिति सामान्य होने के बाद भी अब तक शुरू नहीं किया गया है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि इचौली क्षेत्र के लिए लखनऊ जाने वाली यह एकमात्र प्रमुख ट्रेन है। ठहराव न होने के कारण दूर-दराज और स्थानीय ग्रामीण क्षेत्रों से लखनऊ पढ़ने जाने वाले छात्रों को भारी असुविधा हो रही है। स्थानीय कस्बे और ग्रामीण क्षेत्र के व्यापारियों का व्यापार भी प्रभावित हो रहा है।
सरकारी और निजी संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रार्थना पत्र देने पर ग्राम पंचायत इचौली के प्रधान राजा भाई, हरदीप निषाद, संजय त्रिपाठी, रवि त्रिवेदी और अवध लाल सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में देश महामारी से उबर चुका है और लगभग सभी स्टेशनों पर पुरानी व्यवस्थाएं बहाल हो चुकी हैं, तो इचौली के साथ यह सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है? स्थानीय निवासियों ने रेल प्रशासन से मांग की है कि जनहित को देखते हुए चित्रकूट एक्सप्रेस का ठहराव तत्काल प्रभाव से पुनः सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा क्षेत्र की जनता आंदोलन के लिए बाध्य होगी।