
बिना ई-विकास प्रणाली के उर्वरक विक्रय पर सख्त कार्रवाई के निर्देश, समिति प्रबंधकों एवं विक्रेताओं को दिया गया विस्तृत प्रशिक्षण, किसानों का पंजीयन रहेगा निःशुल्क
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
शासन के निर्देशानुसार जिले की सेवा सहकारी समितियों, मार्कफेड गोदामों एवं निजी विक्रय केन्द्रों के माध्यम से उर्वरकों का वितरण अब पूर्णतः ई-विकास प्रणाली के जरिए किया जाएगा। इस संबंध में आज जनपद पंचायत कक्ष सौंसर में जिले की सभी सेवा सहकारी समितियों/मार्केटिंग समितियों के प्रबंधकों एवं थोक उर्वरक विक्रेताओं के लिए ई-विकास पोर्टल का विस्तृत प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
शासन के निर्देशानुसार 01 अप्रैल 2026 से पूरे प्रदेश में शत-प्रतिशत उर्वरक वितरण ई-विकास प्रणाली के माध्यम से किया जाना अनिवार्य है। इसी के पालन में लगातार प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान संशोधित ई-विकास पोर्टल की जानकारी सभी समिति प्रबंधकों एवं निजी उर्वरक विक्रेताओं को दी गई।
उप संचालक कृषि श्री जितेन्द्र कुमार सिंह ने निर्देश दिए कि सभी समितियां केवल ई-विकास प्रणाली के माध्यम से ही उर्वरक विक्रय सुनिश्चित करें। यदि ई-विकास प्रणाली एवं पीओएस मशीन के विक्रय में किसी प्रकार का अंतर पाया जाता है, तो संबंधितों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने ई-विकास प्रणाली की विस्तृत जानकारी देते हुए प्रबंधकों के प्रश्नों का समाधान किया तथा निर्देशित किया कि पोर्टल में किसी भी प्रकार की समस्या आने पर उसकी लिखित सूचना तत्काल प्रस्तुत करें। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि गोदाम में उपलब्ध उर्वरक स्टॉक और पीओएस मशीन के आंकड़ों में अंतर पाए जाने पर सत्यापन के बाद कार्रवाई की जाएगी।
उप संचालक कृषि श्री सिंह ने बताया कि जिन किसानों को मोबाइल के माध्यम से ई-विकास प्रणाली पर ई-टोकन बुक करने में कठिनाई होती है, वे कृषि, सहकारिता, राजस्व एवं पंचायत विभाग के साथ-साथ निजी विक्रेताओं से सहायता प्राप्त कर सकते हैं। शासन के निर्देशानुसार सेवा सहकारी समितियों, मार्कफेड गोदामों एवं निजी विक्रय केन्द्रों द्वारा किसानों का पंजीयन निःशुल्क किया जाएगा।
सभी समिति प्रबंधकों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्र के पात्र किसानों को सूचित कर खरीफ फसल हेतु उर्वरकों का उठाव ई-विकास प्रणाली के माध्यम से शीघ्र कराएं, जिससे भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा न हो। जिले की सभी समितियों में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में उप संचालक कृषि श्री जितेन्द्र कुमार सिंह, सहायक संचालक कृषि श्री धीरज ठाकुर, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सौंसर श्री योगेश भलावी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी पांढुर्णा श्री विनोद लोखंडे, मार्कफेड के गोदाम प्रभारी एवं थोक उर्वरक विक्रेता सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।