
डिंडौरी 13 अप्रैल,2026
डिंडौरी कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले की सड़क सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।बैठक में पुलिस अधीक्षक श्रीमती वाहिनी सिंह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिव्यांशु चौधरी, अपर कलेक्टर जे.पी. यादव, एसडीएम शहपुरा ऐश्वर्य वर्मा, एसडीएम डिंडोरी रामबाबू देवांगन, संयुक्त कलेक्टर सुश्री भारती मेरावी, डिप्टी कलेक्टर सुश्री प्रियांशी जैन, सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक में पूर्व बैठक के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा की गई तथा अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि आगामी बैठक से पूर्व सभी लंबित कार्य पूर्ण किए जाएं।
जिला यातायात प्रभारी द्वारा प्रस्तुतिकरण में मुख्य मार्गों पर गोवंश के कारण होने वाली दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त की गई। इस पर कलेक्टर ने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान चलाकर सड़कों से गोवंश हटाने तथा उनके गले में रेडियम पट्टी लगाने के निर्देश दिए। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग एवं प्रमुख सड़कों पर आवारा पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु जनपद स्तर पर निगरानी दल गठित करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में ‘राहवीर योजना’ के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया। योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन आवर में अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि तथा उत्कृष्ट कार्य करने वालों को राष्ट्रीय स्तर पर 1 लाख रुपये तक का पुरस्कार प्रदान किया जाता है। वहीं ‘हिट एंड रन’ मामलों में गंभीर घायलों को 50 हजार रुपये एवं मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये की सहायता राशि देने की जानकारी दी गई तथा लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए गए।कलेक्टर ने ‘हेलमेट नहीं तो पेट्रोल नहीं’ अभियान को सख्ती से लागू करने के निर्देश देते हुए बिना हेलमेट पेट्रोल देने वाले पेट्रोल पंप संचालकों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही ‘ड्रंक एंड ड्राइव’ के मामलों में नियमित जांच सुनिश्चित करने को कहा गया।
दुर्घटना संभावित स्थलों जैसे निवास-तिराहा शहपुरा मार्ग, जैतपुरी जंगल मोड़, जनपद तिराहा एवं अलोनी तिराहा अमरपुर सहित अन्य स्थानों पर रोड मार्किंग, रंबल स्ट्रिप्स, स्पीड ब्रेकर, साइन बोर्ड एवं झाड़ियों की कटाई जैसे कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए। हाईवे से जुड़े सहायक मार्गों पर भी सुरक्षा उपाय बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
स्लीपर कोच बसों की सुरक्षा को लेकर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिला परिवहन अधिकारी पुलिस के समन्वय से दिन-रात नियमित जांच करें तथा बसों की फिटनेस और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करें। साथ ही ‘कैशलेस ट्रीटमेंट योजना’ के अंतर्गत दुर्घटना पीड़ितों को 7 दिनों तक 1.5 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराने एवं योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में ओवरलोड वाहनों पर सख्ती बरतने तथा खनिज परिवहन में लगे भारी वाहनों की नियमित जांच करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण कार्यों में तिराहों एवं चौराहों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए तथा सभी विभाग निर्धारित समय सीमा में अपने-अपने कार्यों का पालन प्रतिवेदन पीपीटी सहित प्रस्तुत करें।
कलेक्टर ने कहा की बैठक में अनुपस्थित रहने या समय पर प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।