
बानसूर। कांग्रेस नगर अध्यक्ष राहुल आर्य ने निजी विद्यालयों द्वारा शिक्षा को व्यापार बनाने के खिलाफ आवाज उठाई है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में निजी विद्यालयों का बढ़ता प्रभाव गरीब और मध्यम वर्ग के अभिभावकों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है।

राहुल आर्य ने बताया कि निजी विद्यालय ₹500–₹600 की किताबें ₹4000–₹6000 में बेच रहे हैं, जिससे अभिभावकों की आर्थिक स्थिति पर सीधा असर पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल और प्रकाशकों के बीच मिलीभगत से अभिभावकों का शोषण हो रहा है।
राहुल आर्य ने सरकार से मांग की है कि सभी निजी विद्यालयों में NCERT/राज्य बोर्ड की किताबें अनिवार्य की जाएं, किताबों की कीमतों पर सख्त नियंत्रण लगाया जाए और स्कूल–प्रकाशक कमीशन सिस्टम पर कड़ी कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि यदि इस समस्या पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो यह मुद्दा जनआंदोलन का रूप लेगा।