
पांढुर्णा में ग्रामीण छात्रों के प्रवेश को लेकर कांग्रेस का ज्ञापन, नए स्कूल खोलने की मांग तेज
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
पांढुर्णा। शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष जयंत घोड़े के नेतृत्व में तथा जिला कांग्रेस अध्यक्ष जतन उईके की उपस्थिति में मंगलवार को जिला प्रशासन के नाम एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन अपर कलेक्टर नीलमणि अग्निहोत्री को कलेक्टर महोदय के नाम प्रेषित किया गया।
ज्ञापन में मुख्य रूप से सांदीपनि विद्यालय पांढुर्णा में ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को प्रवेश नहीं मिलने की समस्या तथा नगर में स्थित रिक्त शासकीय भवनों में नए विद्यालय प्रारंभ करने की मांग उठाई गई।

ग्रामीण छात्रों के साथ भेदभाव का आरोप
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सांदीपनि विद्यालय में सीमित सीटों के कारण ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मेधावी एवं गरीब छात्रों को प्रवेश नहीं मिल पा रहा है। इससे वे शिक्षा के अधिकार से वंचित हो रहे हैं।

खाली भवन, लेकिन नहीं मिल रही शिक्षा
ज्ञापन में बताया गया कि शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय पांढुर्णा एवं लाल बहादुर शास्त्री माध्यमिक शाला के भवन वर्तमान में खाली पड़े हैं। इन भवनों का उद्देश्य पहले ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना था, लेकिन अब इनके खाली रहने से छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
नए स्कूल खोलने की मांग
कांग्रेस ने मांग की है कि इन विशाल एवं सुरक्षित शासकीय भवनों में तत्काल प्राथमिक, माध्यमिक, हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्तर के नए विद्यालय शुरू किए जाएं, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिल सके।
निजी स्कूलों की बढ़ती मनमानी
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि यदि शासकीय विद्यालयों की संख्या नहीं बढ़ाई गई, तो अभिभावकों को मजबूरी में अपने बच्चों को महंगे निजी स्कूलों में भेजना पड़ेगा, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
अन्य ब्लॉकों की तुलना में पांढुर्णा पिछड़ा
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि सौसर ब्लॉक में सांदीपनि विद्यालयों की संख्या पांच है—सौसर, पीपला नारायण वार, मोहगांव, बग्गू बिछुआ एवं रामाकोना—जबकि जिला मुख्यालय पांढुर्णा में मात्र एक ही सांदीपनि विद्यालय संचालित है।
आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से मांग की गई है कि प्रवेश समस्या का शीघ्र समाधान करते हुए नए शिक्षण सत्र से रिक्त भवनों में विद्यालय प्रारंभ किए जाएं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द निराकरण नहीं हुआ, तो छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस द्वारा धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
