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रामनवमी पर नगर में भव्य शोभायात्रा

भगवान श्री राम ने सामाजिक समरसता के लिए उत्तर दक्षिण को जोड़ा।भेदभाव का बंधन तोड़ा।।

रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597

हम सब के लिए गर्व की बात है कि हम सब भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण के साक्षी बने… डॉ.माला दीदी ठाकुर उपाध्यक्ष विश्व हिंदू परिषद मालवा प्रांत

मनावर। जिला धार।। बजरंग दल द्वारा प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी श्री राम जन्मोंत्सव रामनवमी के पावन पर्व पर भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। स्थानीय मंडी प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में मंचासीन मुख्य वक्ता के रूप में विश्व हिंदू परिषद मालवा प्रांत की उपाध्यक्ष डॉक्टर माला दीदी ठाकुर, जिला अध्यक्ष प्रदीप सोनी, समाजसेवी सुरेश पाटीदार गड़ीवाले, राजू सोनी बजरंगी, सन्नी चौहान, भगत मंच पर उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माला दीदी ठाकुर ने कहा कि हम सबके लिए गर्व की बात भी है और अनुभव का क्षण भी है। हमसे पहले वाली पीढ़ी वह थी जिसे भगवान श्री रामचंद्र जी का मंदिर जन्मभूमि पर बने उसके लिए संघर्ष किया। वह नारा जो चला था “रामलला हम आएंगे मंदिर भव्य बनाएंगे”। इसके साथ-साथ राम मंदिर से राष्ट्र मंदिर का निर्माण कैसे हो सका। हम सब इसके साक्षी हैं। रामोत्सव का जो कार्यक्रम है विश्व हिंदू परिषद के वार्षिक कार्यक्रमों में से महत्वपूर्ण एक कार्यक्रम है। भगवान श्री रामचंद्र जी को सब मानते हैं। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री रामचंद्र जी के आचरण को अपने जीवन में कैसे ला सकते हैं। उस समय देश काल की परिस्थितिया क्या रही होगी भगवान श्री रामचंद्र जी का जीवन कैसा रहा होगा। वर्तमान की चुनौतियां क्या है।वर्तमान की चुनौतियों के समक्ष हम सब का आचार, विचार, व्यवहार कैसा हो सकता है। सोचने की आवश्यकता है। हम सबको ध्यान में आता है कि 77 बड़े युद्ध हुए। लाखों लोगों ने अपना बलिदान दिया। एक समय ऐसा था की सरयू मैया का पानी दूर-दूर तक लाल दिखाई देता था। उस समय पूरा भारत हिंदू समाज का प्रण था कि रामलला का मंदिर राम जन्मभूमि पर ही बनना चाहिए।

संतो के आशीर्वाद से विश्व का सबसे बड़ा आंदोलन राम जन्मभूमि आंदोलन खड़ा हुआ। वहां से जब यात्रा प्रारंभ होती है। वहां से एक नारा चला। राम ने उत्तर दक्षिण को जोड़ा। भेदभाव का बंधन तोड़ा। कैसा सामाजिक समरसता का भाव आ सकता है। भगवान श्री रामचंद्र जी का परिवार जो आदर्श परिवार है। माता-पिता भाई बंधु इतना ही नहीं है पूरा जो समाज है। पूरी जो प्रजा है, वह परिवार है। कैसे भगवान वनवास के लिए जाते हैं, तो ध्यान में आता है की मां पूछती है वन जाने के लिए भगवान कहते हैं पिता ने जो कहा आज तो मां की आज्ञा है तो मां ने आज्ञा दी है तो इसका मतलब वन है जो स्वर्ग के समान है तो वन में जाना ही चाहिए। मां की आज्ञा की आवेला नहीं करनी चाहिए। आज की पीढ़ी यह मर्यादा को अपने जीवन में कैसे ला सकती है और आगे जाता है तो हमको ध्यान में आता है आप बहुत सारी चीजों को लेकर प्रॉपर्टी काम को घर परिवार में लगातार टूट रहे हैं। एक वह भाई है जो खड़ाऊ लेकर पूरा शासन चलाता है। हम अपनी परछाई पीछे से देखते हैं तो वह काली दिखाई देती है परन्तु वन में भगवान श्री राम की परछाई देखते थे तो उसमें लक्ष्मण जी दिखाई देते थे।

उद्बोधन के पश्चात मंडी प्रांगण से शोभायात्रा व्हीआईपी चौराहा, बस स्टैंड, नगर के मुख्य मार्गों से दनादन चौपाटी जुनी मनावर होते हुए श्री राम मंदिर नदी किनारे पहुंची। यात्रा का पुष्प मालाओं के द्वारा जगह जगह स्वागत किया गया। जय जय सियाराम, देश का दल बजरंग दल के जय घोष के साथ पूरा मनावर भगवामय दिखाई दिया। महाआरती प्रसाद वितरण के बाद कार्यक्रम का समापन किया गया। कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद की जिला टोली, प्रखंड टोली, भाजपा नगर मंडल की टोली, गणमान्य नागरिक, सकल हिन्दू समाज सम्मिलित रहा।

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