
पर्यटन नगरी मांडू की सड़के बेहाल
गड्ढों में तब्दील हुई सड़के, मांडू के नीलकंठ मार्ग और वार्ड 12 से 15 की सड़के हुई बदहाल
राहुल सेन मांडव
मो 9669141814
मांडू न्यूज:/ मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक पर्यटक नगरी मांडू के स्मारक देश और दुनिया में सदियों से मशहूर है। हजारों सैलानी साल भर इस पर्यटन नगरी को देखने और इससे जुड़ी रोचक कहानियां जानने के लिए मांडू पहुंचते हैं। साल में ऐसे कई अवसर आते हैं जब मांडू में कई बड़े आयोजन होते वही शाल में एक बार करोड रुपए का मांडू उत्सव का आयोजन भी होता हैं धार जिले में स्थित मांडू, धार से मात्र 35 किलोमीटर और आगरा मुंबई मार्ग से 30 किलोमीटर की दूरी तय करके पहुंच सकते हैं। यह पूरी नगरी प्राचीन मंदिर और किलो, मकबरों और अद्भुत महलों, बावड़ी से भरी हुई है। सदियों से यह अपनी प्राकृतिक छवि को बनाए हुए है। वर्षा ऋतु में मांडू की एक अलग ही पहचान रहती है। मांडू के एक छोर पर धरमपुरी मार्ग है जो 25 किलोमीटर दूर नर्मदा नदी से जोड़ता है वही दूसरी ओर नालछा होते हुए धार गुजरी मार्ग है। इन दोनों मार्ग की हालात बदहाल हो चुकी है। बारिश का मौसम बीत जाने के बाद सड़के टूट चुकी है सड़के और उनमें बेइंतहा गड्ढे मांडू आने जाने वालों के लिए मुसीबत का सबब बने हुए हैं।
जितनी ही खूबसूरत मांडू नगरी है, उतने ही खूबसूरत वहां पहुंचने की सड़क होनी चाहिए। ऐतिहासिक पर्यटन नगरी का प्रवेश मार्ग इतना खूबसूरत और आकर्षक होना चाहिए जो इस नगरी में आने वाले हर सैलानी का मन मोह ले। सरकार इस पर्यटन नगरी मांडू के विकास कार्यों और आने वाले सैलानियों को लुभाने के लिए सरकारी खजाने से पर्याप्त रुपया खर्च करती है अगर वह राशि उचित और सही ढंग से इन स्मारकों की देखरेख और मांडू की समस्त सड़कों की नवीनीकरण, बेहतर रखरखाव और मरम्मत के कार्य के लिए खर्च करें तो सैलानियों की आवक भी बढ़ने लगेगी और धार जिले कि यह ऐतिहासिक नगरी मांडू पर्यटक और विदेशी मेहमान को भावुक भी करेगी।
पक्की सड़क, सौंदर्यीकरण को मिले बढ़ावा
संबंधित विभाग ने योजनाबद्ध तरीके से मांडू की समस्त प्रमुख सड़कों और किलों, महलों की ओर जाने वाले रास्तों का नवीनीकरण कर सौंदर्यकरण भी करना चाहिए, वह भी शत प्रतिशत गुणवत्ता के साथ ताकि सभी मार्गों से मांडू आसानी से पहुंचा जा सके। मांडू के नीलकंठ मार्ग के साथ वार्ड 12 से 15 के रॉड की हालत इतनी खराब है की टूरिस्ट तो ठीक वार्ड वासी भी उसे रॉड पर चलने से घबराते हैं वही इस रॉड को अच्छा मजबूत किया जाए तो सड़के और भी खूबसूरत दिखाई देगी साथ ही सड़कों के दोनों ओर पर्याप्त मात्रा में सूचना सांकेतिक बोर्ड तथा सड़कों के बीच दिशा निर्देश के लिए सफेद पट्टियां भी डालना चाहिए। क्योंकि कई स्मारक मांडू के अंदरुनी एरिया में फैले हुए हैं जहां की सड़क टूटी हुई है और हर स्मारक तक सैलानियों का पहुंचना मुमकिन नहीं होता। मांडू में बड़े-बड़े बोर्ड लगाकर हर स्मारक पर आधारित जानकारी लिखना चाहिए ताकि नई पीढ़ी ओर उसे आसानी उसे समझ सके। फिलहाल मांडू के सड़के देखकर यह प्रतीक होता है कि जब सड़कों के हाल बेहाल है तो यहां टूरिस्ट आने से घबराता है
समस्त सड़कों का एक साथ हो नवीनीकरण, अतिक्रमण हटे
धार कलेक्टर और मध्यप्रदेश सरकार के साथ मांडू नगर परिषद और मांडू नगर विकास समिति समन्वयक बनाकर मांडू की समस्त सड़कों का नवीनीकरण और मरम्मत के प्रस्ताव को हरी झंडी देकर जल्द ही काम शुरू करना चाहिए। नई सड़क और उनका निर्धारित समय पर रखरखाव भी उसी कंपनी के जिम्मे किया जाना चाहिए ताकि वह अपनी निगरानी में सड़कों की देखरेख कर सके। साथ ही सड़कों पर हो रहे अतिक्रमण को हटाकर पीछे किया जाना भी जरूरी है ताकि सड़कों मुख्य मार्गो पर चलने के लिए यात्रियों को पर्याप्त जगह मिल सके।