

हमीरपुर से ब्यूरो चीफ राजकुमार की रिपोर्ट
मौदहा। हमीरपुर।01 मार्च मौदहा कस्बा स्थित कुंवर विद्यालय में रविवार को अखिल भारतीय साहित्य परिषद इकाई मौदहा द्वारा होली की पूर्व संध्या पर कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कवि शिवकरण ने की है।
सरस्वती वंदना के साथ शुरू हुए कवि सम्मेलन में वीरेंद्र कुमार सजर ने अपनी रचना सुनाते हुए पढ़ा कि ” जलते हुए दिए को बुझाया न कीजिए,हंसता हुआ हो कोई तो रुलाया न कीजिए।।नीति राज सिंह ने सुनाया कि “जीवन के हर रंग का है मान सम्मान, सब लोगन कै कामना पूर्ण करै भगवान।कमलेश सिंह ने सुनाया कि” भांग की गोली खाकर साली है जीजा से बोली,आओ हम तुम खेलें होली। डॉ संतोष कुमार ने सुनाया कि छा गई लाली दसों दिश भा रही हैं, क्या बताने की जरूरत फाग आई।कमल किशोर ने सुनाया कि मन मंदिर ऐसा साफ करें लहराएं बावले,आओ भाई नेक काम कर जग अपना कर लें। रेवती पाठक ने सुनाया कि होली में रंगों की रंगत पहचानों तो होली है, भाषा प्रेम के रिश्तों की जानों तो होली है। हरि प्रकाश कुशवाहा ने सुनाया कि फागुन के रंग उड़े चूनर के संग उड़े सारी रे ऋतु आई बसंत मतवारी। इसके अलावा लखनलाल जोशी ललित, शिवकरण सिंह सरस, जगदीश चंद्र जोशी, हरीराम गुप्ता निरपेक्ष,दिनेश दुबे घाटमपुर, गीता ओमर, धर्मात्मा प्रसाद अभिलाषी,बाल किशुन जोशी चंचल,कमल किशोर कमल सहित अन्य कवियों ने अपनी रचनाओं को सुनाकर श्रोताओं की तालियां बटोरी हैं।
