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मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद में रिश्वत का आरोप: परामर्शदाता की जॉइनिंग रोकी, निष्पक्ष जांच की मांग

मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद में रिश्वत मांगने का आरोप, परामर्शदाता की जॉइनिंग रोकी (जिला प्रतिनिधि)

मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद में रिश्वत मांगने का आरोप, परामर्शदाता की जॉइनिंग रोकी
(जिला प्रतिनिधि)

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कटनी। मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। परिषद में कार्यरत महिला परामर्शदाता अर्चना गौतम ने ब्लॉक समन्वयक श्रीमती आरती गुप्ता पर पैसों की मांग, मानसिक प्रताड़ना और झूठे आरोप लगाकर उनकी जॉइनिंग रोकने का आरोप लगाया है।

पीड़िता अर्चना गौतम के अनुसार, वे परिषद के नियमों के तहत नामांकुर संस्था के माध्यम से पिछले दो वर्षों से परामर्शदाता के पद पर कार्यरत हैं। उनका आरोप है कि अप्रैल माह में ब्लॉक समन्वयक द्वारा उनसे ₹25,000 की अवैध मांग की गई। राशि न देने पर संस्था से बाहर करने की धमकी दी गई और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
अर्चना का कहना है कि वर्ष 2025–26 में राहत समर्पण सेवा समिति के माध्यम से पुनः नियुक्ति होने के बाद भी उनसे बार-बार पैसों की मांग की जाती रही। दबाव में आकर उन्होंने अप्रैल माह में ₹10,000 नकद दिए, लेकिन शेष राशि की मांग जारी रही।
पीड़िता का आरोप है कि पैसे न देने के कारण उनकी जॉइनिंग रोक दी गई, उन्हें सभी आधिकारिक समूहों से हटा दिया गया और उनका परामर्शदाता ऐप बंद कर दिया गया, जिससे उनकी उपस्थिति दर्ज नहीं हो पा रही है। उन्होंने बताया कि हर रविवार कॉलेज जाने के बावजूद उनकी हाजिरी दर्ज नहीं की जा रही है।
इसके अलावा, अर्चना गौतम ने आरोप लगाया कि उन पर चॉक-डस्टर रजिस्टर चोरी, वीडियो बनाने, शांति भंग करने और झगड़ा करने जैसे मनगढ़ंत आरोप लगाए जा रहे हैं। साथ ही राजनीतिक प्रभाव का हवाला देकर उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है।
पीड़िता ने जन अभियान परिषद के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई, उनकी जॉइनिंग बहाल करने तथा परामर्शदाता ऐप पुनः चालू करने की मांग की है।

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