
नई दिल्ली।
“यहाँ कोई दोस्त नहीं होता…” — जब अभिनेता राजपाल यादव ने रोते हुए ये शब्द कहे थे, तब शायद उन्हें खुद भी अंदाज़ा नहीं था कि उनकी यह पीड़ा पूरे देश और बॉलीवुड की आत्मा को झकझोर देगी। हँसी से करोड़ों चेहरों पर मुस्कान लाने वाला यह कलाकार, आज अपने सबसे कठिन दौर से गुजरता नज़र आया।
5 करोड़ रुपये के कर्ज से जुड़े एक मामले में तिहाड़ जेल पहुँचने से पहले राजपाल यादव ने टूटे मन से कहा था कि उनके पास पैसे नहीं हैं और फिल्म इंडस्ट्री में कोई ऐसा नहीं जो मदद के लिए आगे आए। साल 2010 से चला आ रहा यह आर्थिक बोझ उनके लिए ऐसा नासूर बन गया कि उन्होंने हार मानते हुए खुद को कानून के हवाले कर दिया।
लेकिन अब कहानी ने एक भावुक मोड़ ले लिया है।
राजपाल यादव के मैनेजर गोल्डी ने पुष्टि की है कि जिस इंडस्ट्री को राजपाल खुद को अकेला महसूस कर रहे थे, वही इंडस्ट्री अब चट्टान की तरह उनके साथ खड़ी हो गई है।
मैनेजर के अनुसार, सलमान खान और अजय देवगन जैसे बड़े सितारों ने स्वयं आगे बढ़कर मदद का बीड़ा उठाया है। इसके अलावा डेविड धवन, वरुण धवन और निर्माता रतन जैन सहित कई दिग्गजों ने संपर्क कर सहयोग का भरोसा दिया है।
सबसे बड़ी राहत की खबर यह है कि अब राजपाल यादव की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। मैनेजर ने उम्मीद जताई है कि वे गुरुवार तक तिहाड़ जेल से बाहर आ सकते हैं। यह खबर परिवार के लिए भी बेहद सुकून देने वाली है, खासकर इसलिए क्योंकि फरवरी के अंत में घर में कुछ महत्वपूर्ण पारिवारिक कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।
इस पूरे घटनाक्रम में अभिनेता सोनू सूद की एक पुकार ने बड़ा असर डाला। उनकी अपील के बाद न सिर्फ बॉलीवुड, बल्कि राजनीति जगत से भी मदद के हाथ आगे आए। इसमें तेजप्रताप यादव और राव इंद्रजीत सिंह जैसे नाम शामिल हैं।
यह कहानी सिर्फ एक अभिनेता की नहीं, बल्कि उस इंसान की है जो जब खुद को सबसे ज्यादा अकेला समझ रहा था, तभी उसे अपनों का सहारा मिला।
‘छोटा पंडित’ अब अकेला नहीं है—पूरा देश और पूरी इंडस्ट्री उनकी वापसी का इंतज़ार कर रही है।
Journalist: Anand Kishor
Bureau Chief: Akhand Bharat News
Member: All India Media Association (AIMA)
