

कप्तानगंज – प्रिंस एकेडमी भावपुर में 77वें गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर देशभक्ति और उल्लास का वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि इंजीनियर वीरेंद्र कुमार मिश्रा द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुई। ध्वजारोहण के पश्चात राष्ट्रगान गाया गया, जिससे पूरा परिसर देशभक्ति की भावना से गूंज उठा।
इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीत, कविताएं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। बच्चों ने अपने कार्यक्रमों के माध्यम से स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और संविधान के महत्व पर प्रकाश डाला।
मुख्य अतिथि इंजीनियर वीरेंद्र कुमार मिश्रा ने अपने संबोधन में संविधान की गरिमा, राष्ट्रीय एकता और अनुशासन के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को अपनाकर देश के जिम्मेदार नागरिक बनें।
विद्यालय प्रबंधन ने कार्यक्रम में सहयोग करने वाले शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।
गणतंत्र दिवस समारोह ने सभी के मन में देशप्रेम और राष्ट्र के प्रति कर्तव्य की भावना को और मजबूत किया।
प्रिंसिपल दुर्गेश कुमार पांडे ने बच्चों को जानकारी देते हुए बताया कि 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ था और इसी दिन भारत एक संप्रभु गणराज्य बना। उन्होंने बताया कि भारतीय संविधान दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है, जो सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है।
उन्होंने कहा कि संविधान हमें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, शिक्षा का अधिकार और समानता का अधिकार देता है, साथ ही हमारे कर्तव्यों की भी याद दिलाता है। प्रिंसिपल ने बच्चों से आग्रह किया कि वे संविधान का सम्मान करें और एक अच्छे नागरिक बनकर देश की प्रगति में योगदान दें।
