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बड़ा खुलासा: श्रीरामपुर में ‘लाडकी बहीण योजना’ की सुरक्षा में सेंध; सरकारी ‘लॉगिन आईडी’ निजी हाथों में, हजारों महिलाओं का डेटा खतरे में!

पंचायत समिति के महिला एवं बाल विकास विभाग पर गंभीर आरोप; पत्रकारों ने की कार्रवाई की मांग।

प्रतिनिधी-एस.ए.तुपे

दिनांक: १६ जनवरी २०२६ | स्थान: श्रीरामपुर, अहिल्यानगर

महाराष्ट्र सरकार की अत्यंत महत्वपूर्ण ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना’ के क्रियान्वयन में श्रीरामपुर में एक चौंकाने वाला भ्रष्टाचार और लापरवाही का मामला सामने आया है पंचायत समिति, श्रीरामपुर के महिला एवं बाल कल्याण विभाग पर आरोप लगा है कि उसने योजना के अत्यंत गोपनीय शासकीय ‘लॉगिन आईडी और पासवर्ड’ अवैध रूप से निजी केंद्रों को सौंप दिए हैं

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सरकार की ‘लाडकी बहीण योजना’ के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों के  त्रुटियों को दूर करने के लिए केवल संबंधित सरकारी विभाग को आधिकारिक लॉगिन अधिकार दिए हैं । यह कार्य पूरी तरह से शासकीय और गोपनीय प्रकृति का है।

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हालाँकि, पत्रकार प्रदीप जाधव और ऑल इंडिया मीडिया एसोसिएशन के सदस्य सुधिर तुपे द्वारा BDO को दी गई लिखित शिकायत में यह खुलासा किया गया है कि विभाग ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया है शिकायत में कहा गया है कि ये गोपनीय सरकारी आईडी-पासवर्ड कुछ चुनिंदा निजी सेवा केंद्रों और व्यक्तियों को अनधिकृत रूप से वितरित कर दिए गए हैं

सरकारी काम को निजी दुकानों पर आउटसोर्स करने का यह मामला प्रशासनिक अनुशासन का सीधा उल्लंघन है शिकायतकर्ताओं ने गंभीर चिंता जताई है कि सरकारी डेटा निजी हाथों में जाने से लाभार्थियों की गोपनीय जानकारी की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है, जो कि सूचना का अधिकार और आईटी एक्ट (IT Act) का भी उल्लंघन है

सबसे बड़ी चिंता यह है कि जो काम सरकारी कार्यालयों में मुफ्त होना चाहिए, अब वह निजी केंद्रों पर होने से गरीब महिलाओं का आर्थिक शोषण हो सकता है। शिकायत में आशंका जताई गई है कि “पैसे जमा हुए या नहीं” यह चेक करने के नाम पर महिलाओं से अवैध वसूली की जा सकती है

कार्रवाई की मांग इस मनमानी के कारण बाजार में विषम प्रतिस्पर्धा पैदा हो गई है और अन्य ईमानदार सेवा केंद्रों के व्यवसाय पर असर पड़ा है

शिकायतकर्ता प्रदीप जाधव और सुधिर तुपे ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने वितरित किए गए सभी आईडी को तत्काल निष्क्रिय ( करने और गोपनीयता भंग करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों पर कठोर प्रशासनिक  कार्रवाई करने की मांग की है उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो वे वरिष्ठ स्तर पर न्याय की गुहार लगाएंगे

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