

कार्यक्रम में सीईओ श्रीमती कौर ने कहा कि कुछ स्कूलों में शिक्षकों द्वारा बेस्ट प्रैक्टिसेज की जा रही है, जिनको अन्य स्कूलों के साथ साझा करने से सभी स्कूल निपुण स्कूल बनने की दिशा में तीव्रता से आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा रूपी वृक्ष की जड़ प्रारंभिक शिक्षा है। अतः हमें इस स्तर पर बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान को सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। सीईओ श्रीमती कौर ने डीएलएड छात्रों द्वारा तैयार सहायक शिक्षण सामग्री का भी अवलोकन किया तथा डाइट कटनी के कार्यों पर संतोष व्यक्त किया।
कार्यक्रम में सभी शिक्षकों द्वारा अपने स्कूल को निपुण स्कूल बनाने की शपथ ली गई। प्राचार्य एमपी डुंगडुंग ने कहा कि डाइट कटनी शिक्षकों के अकादमिक समर्थन के लिए सदैव तैयार है। जबकि डीपीसी श्री प्रेम नारायण तिवारी ने कहा कि अकादमिक सुधार जिला शिक्षा केंद्र की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। वहीं प्रशिक्षण प्रभारी वरिष्ठ व्याख्याता राजेंद्र असाटी ने कहा कि प्रशिक्षण की सीख को सभी शिक्षक विद्यालय में लागू करें तथा अपनी प्रैक्टिसेज को निरंतर साझा करें।
उन्मुखीकरण के दौरान विभिन्न दक्षताओं पर गहन चर्चा की गई। विभिन्न आधारभूत अवधारणाओं, मौखिक भाषा विकास, ध्वनि जागरूकता, वर्ण मात्रा पहचान, शब्द भंडार, धारा प्रवाह पठन, लेखन, स्वतंत्र पठन, गणितीय बातचीत, दक्षता, अभ्यास दक्षता, कौशल, गणितीय खेल पर शिक्षकों द्वारा तैयार वीडियो का प्रदर्शन भी किया गया।
उन्मुखीकरण के दौरान डाइट फैकल्टी राकेश सिन्नरकर, ज्योति श्रीवास्तव, उमाशंकर सैनी, ए पी सी सोबरन राजपूत एवं जिला स्रोत समूह के सदस्य सपना मिश्रा, हितेश तिवारी, राकेश गौतम, तारा तिवारी द्वारा भाषा शिक्षण एवं गणित शिक्षण में आने वाली चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। सभी विकासखंडों के बी आर सी एवं बी ए सी ने अपने-अपने विकासखंड की शालाओं का निरंतर फॉलो अप करने एवं अकादमिक गुणवत्ता सुधारने का संकल्प व्यक्त किया। राजेश गुप्ता, रामजी नायक, अलका श्रीवास्तव, मनोज दुबे, रामकुमार सत्येंद्र, संतोष विक्रम, मंजू और गोविंद ने व्यवस्थाओं में उल्लेखनीय सहयोग प्रदान किया।
