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सहित्यकारों ने ब्रजभाषा में दिया मुख्यमंत्री के नाम कामां को कामवन बनाने का ज्ञापन

सहित्यकारों ने ब्रजभाषा में दिया मुख्यमंत्री के नाम कामां को कामवन बनाने का ज्ञापन

रिपोर्टर मनमोहन गुप्ता कामां डीग 9783029649

कवि व साहित्यकार भी आये कामवन मुहिम में आगे

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कामां – डीग जिले के कस्वा कामां कामवन धाम के *कवि व साहित्यकार भी आये कामवन मुहिम में आगे*
कस्बे की बृजवानी साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था द्वारा कामां उपखंड कार्यालय पर एकत्रित होकर स्थानीय ब्रजभाषा में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम ज्ञापन उपखंड अधिकारी सुभाष यादव को सौंपते हुए मांग की कामां का शास्त्र सम्मत व पौराणिक नाम कामवन किया जाए।
संस्था के अध्यक्ष दुलीचन्द लोधा व मंत्री कमल सिंह कमल ने बताया कि ज्ञापन स्थानीय ब्रज भाषा मे लिखा गया है तो ज्ञापन में माननीय मुख्यमंत्री महोदय से निवेदन किया है कि कामवन पुरातन काल सौं ही धार्मिक अरू आध्यात्मिक दृष्टि सौं भक्ति के क्षेत्र माँहि बहौत समृद्ध रह्यौ हतै। ब्रिटिष शासन काल माँहि उच्चारन लघुता के कारण ‘‘ कामवन’’ सौं कामाँ उच्चारन कियौ जावे लगौ। कामाँ उच्चारण शास्त्र एवं पुरानन के अनुरूप नाय हतै। सही उच्चारन ‘‘कामवन’’ ही हतै जो कि शास्त्र एवं पुरानन के अनुरूप हतै। कामवन की धरा कौ कन-कन भगवान श्री कृष्ण की लीलान सौं ओत प्रोत हतै। भगवान श्री कृष्ण नै गौचारन के समैं कामवन की पावन धरा पै अनेक लौकिक अरू अलौकिक लीलाऐं करी हतीं। जिनके भौतिक चिह्न आजहु कामवन की धरा पै स्पष्ट रूप सौं विद्यमान हतैं जथा कृष्ण हस्ततल सौं उत्कीर्ण भोजनथारी, चरन पहाडी पै प्रभु के अंकित चरन चिह्न, खिसलनी सिला, व्योमासुर की गुफा आदि।
कामवन माँहि कामवन की अधिष्ठात्री श्री वृन्दादेवी प्राकट्य रूप में विराजमान हतै। कामवन के अधिपत्य स्वामी श्री गोपीनाथजी अरू श्री गोविन्द जी के प्रतिरूप विद्यमान हतैं। पुष्टि मार्गीय सम्प्रदाय की सात पीठन में सौं दो पीठ कामवन माँहि विराजित हतैं। (1) पंचम पीठ श्री गोकुल चन्द्रमाजी । (2) सप्तम पीठ श्रीमदन मोहनजी ।
श्री कृष्ण भगवान नै माता-पिता कूँ तीर्थाटन की इच्छा पूर्ति कैं ताँई कामवन माँहि सवई तीर्थन कौ आवहन कियौ हतौ। तबहि सौ विमल कुण्ड माँहि सबई तीर्थन कौ वास हतै। जाई सौ जा कूँ तीर्थराज के नाम सौ जानौ जावै । पौराणिक अरू धार्मिक दृष्टि सौं कामवन कौ विषेष स्थान हतै। यहाँ पै नित प्रति हजारों देषी-विदेषी दर्षनार्थी कामवन की पावन धरा पै श्री कृष्ण भगवान के लीला स्थलन के दर्षन करने आत हैं।
अतः आप सौं विषेष अनुरोध हतै कि कामाँ कौ पौरानिक नाम ‘‘ कामवन’’ किये जाने की अनुकम्पा करें। ज्ञापन देने वालो में प्रमुख रूप से मुकुट बिहारी शर्मा माणिक,घीसाराम अध्यापक,अध्यक्ष दुलीचंद लोधा,सर्वेश कुमार सैनी,शिवराम बादीपुरिया,रामकिशन दुश्मन,हेमेंद्रभारतीय, कैलाश सोनी स्वर्णिम गोविंद बृजवासी महामंत्री कमल सिंह कमल उपस्थित रहे।

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