

रिपोर्टर राजकुमार हमीरपुर अखंड भारत
सुमेरपुर हमीरपुर। किसी को पाने के लिए भगवान का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए बल्कि भगवान को पाने के लिए जीवन को दांव पर लगा देना चाहिए उक्त गद्दार श्री गायत्री तपोभूमि प्रांगण में रामकथा के तीसरे दिन कथा व्यास पंचदश नाम जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी आत्मानंद गिरि जी महाराज ने श्रोताओं को राम कथा सुनाते हुए व्यक्त करते हुए भगवान एवं नारद मुनि, जटायु की कथा का सुंदर वृंतान सुनाया। कथा व्यास ने कहा कि जटायु का उद्देश्य भगवान को पाकर मुक्त होना था जबकि नारद का उद्देश्य भगवान का स्वरूप प्रकार किसी को प्राप्त करना था उन्होंने कहा कि भगवान तभी प्राप्त होते हैं जब आपके मन से दूसरों के लिए कुछ करने की इच्छा होगी। कथा सुनने के लिए पंडाल खचाखच भरा हुआ था।