
अलीगढ़ जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुपम कुमार के आदेशानुसार जिले के क्षेत्राधिकार में आने वाले आश्रय गृह के निरीक्षण के लिए आश्रय गृह समिति का गठन किया गया है। आश्रय गृह समिति के अध्यक्ष व सदस्यगण यथा श्रीमती पारूल अत्री अपर जिला जज कोर्ट संख्या-05, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं अपर सिविल जज नितिन श्रीवास्तव द्वारा आवासीय वृद्धाश्रम छर्रा का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान आवासीय वृद्धाश्रम की अधीक्षिका श्रीमती गिरजेश यादव व अन्य कर्मचारीगण उपस्थित मिले। सर्वप्रथम आवासीय वृद्धाश्रम में आवासित वृद्धजनों से मुलाकात की गयी। वहॉ पर आवासित महिला वृद्धजन से प्रातःकालीन नाश्ते की पूछताछ की गयी उनके द्वारा अवगत कराया गया कि उन्हे प्रातःकालीन नाश्ते में वेसन की पकोड़ी व चाय दी गयी जिसकी पुष्टि पुरूष वृद्धजन ने भी की। आश्रय गृह समिति द्वारा वृद्धजनों के लिये बन रहे दोपहर कालीन भोजन का निरीक्षण किया गया। दोपहर कालीन भोजन में चावल, रोटी, अरहर की दाल व पत्तागोभी की सब्जी थी। जबकि पाकशाला के बाहर लगे मीनू मे आज की तिथि में लौकी के कोफ्ते की सब्जी लिखी हुयी थी इस बावत जब पूछताछ की गयी तो जबाव देने में असमर्थ रहीं। वृद्धाश्रम के प्रथम तल पर एक बडा हॉल, एक छोटा हॉल व तीन कमरे बने हुये है जिसमें वृद्धजन रहते है। बडे हॉल में बनवारी लाल नाम का एक वृद्धजन रह रहा था जोकि अस्थमा नामक रोग का पीडित था। जिसके इलाज के लिए अधीक्षिका को आदेशित किया गया दौरान निरीक्षण आवासीय वृद्धाश्रम की अधीक्षिका द्वारा अवगत कराया गया कि आवासीय वृद्धाश्रम में 93 वृद्धजन पंजीकृत है जिनमें से 32 महिला व 61 पुरूष है आज की तिथि में आवासित वृद्धाश्रम में 86 वृद्धजन उपस्थित है जिनमें से 29 महिला व 57 पुरूष है। जब आवासीय वृद्धाश्रम में आवासित समस्त वृद्धजनों की गणना करायी गयी तो मात्र 55 वृद्धजन उपस्थित मिले जिनमें 21 महिला व 24 पुरूष थे। दौरान निरीक्षण उपस्थित अधीक्षिका श्रीमती गिरजेश यादव से जब अनुपस्थित मिले 31 वृद्धजन के बारे में पूछताछ की गयी तो वह कुछ भी बताने में असमर्थ रही। आश्रय गृह समिति द्वारा श्रीमती गिरजेश यादव को आदेशित किया गया कि जितने लोग यहा पर आवासित है केवल उन्ही का पंजीकरण होना चाहिये ऐसा कोई भी वृद्धजन नहीं होना चाहिये जो यहॉ पर आवासित नहीं किन्तु उनका पंजीकरण है। आवासीय वृद्धाश्रम के बाहर बनी हुयी नाली पूरी तरह से भरी हुयी थी एवं अन्दर भी शौचालय व स्नानागार पर गंदगी थी जिसको साफ कराने के लिए अधीक्षिका को आदेशित किया गया निरीक्षण के दौरान एडीआर सेन्टर के कनिष्ठ लिपिक मनोज कुमार भी उपस्थित रहे।