

संवादाता राजकुमार हमीरपुर अखंड भारत
हमीरपुर।कतर सहित अन्य खाडी देशों में रह रहे अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय पूर्व छात्रों ने सर सैयद अहमद खान की सेवा और शैक्षिक मिशन को श्रद्धांजलि देते हुए कतर के सिटी सेंटर दोहा में सर सैयद डे हर्सोल्लास के साथ मनाया।
मुख्य अतिथि इकरा हसन की मौजूदगी रही चर्चा
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कैराना सांसद इक़रा हसन चौधरी, रहीं,जब कि कार्यक्रम की अध्यक्षता क़तर में भारत के राजदूत विपुल ने की।कार्यक्रम की शुरूआत तिलावत ए कुरान के साथ किया गया।ग़ज़ाला यासमीन ने अतिथियों का स्वागत किया और डॉ. आशना नुसरत और डॉ. नईम अमन ने मंच का संचालन किया।
एएमयूएएक्यू के अध्यक्ष डॉ. नदीम ज़फर जीलानी ने अपने संबोधन में सर सैयद अहमद खान के मिशन को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया और एसोसिएशन की साल भर चलने वाली गतिविधियों का उल्लेख किया।सर सैयद अहमद ख़ान को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए विपुल ने कहा कि अलीगढ़ समुदाय क़तर में अपने ज्ञान और सेवा से भारत-क़तर संबंधों को मज़बूत कर रहा है।
मुख्य इक़रा हसन चौधरी ने अपने भाषण में कहा कि सर सैयद का मिशन अभी भी अधूरा है, क्योंकि मुस्लिम बच्चों में स्कूली शिक्षा छोड़ने वालों की दर अभी भी बहुत अधिक है। उन्होंने अलीगढ़ समुदाय से वंचित बच्चों को शिक्षित करने की ज़िम्मेदारी लेने की अपील की।
एएमयूएएक्यू के चेयरमैन जावेद अहमद ने “एक टीम, एक ड्रीम” के नारे के साथ एकता और सहयोग की भावना का सारांश दिया। इस अवसर पर डॉ.अता खुर्शीद द्वारा संकलित और आतिफ हनीफ़ द्वारा प्रकाशित सर सैयद अहमद ख़ान के सभी लेखन के 20 खंडों के संग्रह का भी विमोचन किया गया।
एसोसिएशन ने ममनून अहमद बंगश द्वारा संपादित अपनी पहली वार्षिक स्मारिका “अबर ए अलीगढ़” का भी विमोचन किया।इस दौरान
अंजु शर्मा (मीडिया व्यक्तित्व) प्रो. अनवर रिज़वी (शिक्षा) पी. हमीद (समाज सेवा) और डॉ. नदीम जीलानी और ग़ज़ाला यासमीन (सर्वश्रेष्ठ माता-पिता) को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का समापन क़तर और भारत के राष्ट्रगान और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के तराने की प्रस्तुति के साथ हुआ। जिनमें फ़रमान ख़ान, ममनून अहमद बंगश, फ़र्रुख़ अली फ़ारूक़ी, साएमा रफ़त, डॉ. इमरान मुमताज़, डॉ. सय्यद इन्तिख़ाब आलम, अहमद, सैयद शहाबुद्दीन, शेख तनवीर अहमद, अल्ताफ़ गौहर इत्यादि शामिल थे। कार्यक्रम में बड़े पैमाने पर अलीगढ़ के पूर्व छात्रों और दोहा शहर के अन्य बुज़ुर्गों ने भाग लिया।

फोटो-किताब का विमोचन और इकरा चौधरी का सम्बोधन