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चमत्कारिक मां भवानी माता करती है भक्तों की मुरादे पूरी श्रद्धा और आस्था के पर्व पर माता के दरबार में लगता है भक्तों का ताताq

चमत्कारिक मां भवानी माता करती है भक्तों की मुरादे पूरी

 

 

 

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श्रद्धा और आस्था के पर्व पर माता के दरबार में लगता है भक्तों का ताता

 

 

राहुल सेन मांडव

मो 9669141814

 

धार जिले के सरदारपुर विकासखंड का सबसे बड़ा आबादी वाला क्षेत्र दसई में स्थित प्रसिद्ध मां भवानी माता जो माता देवी मंदिरों में से एक है

हमारी संस्कृति में हिंदुओं की आस्था का प्रतीक वह माता की शक्ति को उपवास का पर्व शारदीय नवरात्रि प्रमुख त्योहारों में से एक माना जाता है इस पर्व पर 9 दिन तक पूरी श्रद्धा और आस्था से भक्तगण मां की उपासना कर पूजा अर्चना करते हैं धर्म ग्रंथों पुराणों के अनुसार शारदीय नवरात्रि भगवती दुर्गा को आराधना का श्रेष्ठ समय होता है नवरात्रि के पावन दिनों में हर दिन मां के अलग-अलग रूपों की पूजा होती है जो अपने भक्तों को सुख शांति समुद्री शक्ति व ज्ञान प्रदान करती है मां भवानी माता का यह मंदिर मां के भक्तों के लिए अति पावन धाम है यहां आकर भक्तों को आत्मिक शांति प्रात्ति तो होती ही है साथ ही जो भक्त सच्चे मन से प्रार्थना करता है तो कहते हैं कि मां भवानी माता उस भक्तों की मुरादे पूरी करती है मां के दरबार में वर्षों से अखंड ज्योत प्रज्वलित रहती है जो भक्तों में नई ऊर्जा शक्ति का संचार करती है जिससे भक्तों में आध्यात्मिक शक्ति जागृत होती है

 

 

मां भवानी माता मंदिर का उल्लेख

 

मां भवानी माता का यह मंदिर भक्तों की आस्था और विश्वास को अपने में समेटे हुए हैं मंदिर के विषय में धार्मिक पौराणिक उल्लेख प्राप्त होते हैं कि राजस्थान के जिला चित्तौड़ के ग्राम बिलारी के रहने वाले बड़वा जी लाल सिंह की पोती से माता के मंदिर के इतिहास से प्रमाणित होता है वह माताजी मंदिर के पुजारी पंडित संजय शर्मा एवं पंवार वंश के वंशज उत्तम सिंह पंवार बताते हैं कि भीमसिंह पांवर ने प्रथम संवत् 1372 वैशाखी सुदी 3 को पावागढ़ से मां भवानी माताजी को यहां लाये थे और इस मंदिर का निर्माण कर माताजी की स्थापना की थी तभी से यह मां भवानी विराजमान है

 

 

भक्तों की मुरादे पूरी करती है मां भवानी

 

कहते हैं जो भक्त मां भवानी के दरबार में सच्चे मन से प्रार्थना करते हैं मां उनकी मुरादें पूरी करती है ऐसे ही चमत्कारी उदाहरण पंवार वंश के समय का है श्री राजा सांगा राव जी तहसीलदार तानाजी के समय पंवार वंश की तीसरी पीढ़ी के जालमसिंह की कोई संतान नहीं थी तब जालमसिंह ने भवानी माता के चरणों में सच्चे मन से संतान प्राप्ति की प्रार्थना करके मन्नत मांगी तो मन्नत चमत्कारी ढंग से पूरी हुई उसके बाद हर कोई चौक गया था की जालमसिंह पंवार ने प्रसन्न होकर मां भवानी की कृपा से राधिका प्रसाद तहसीलदार ग्राम दसई कचहरी के समय जिर्णो धार करवाया गया था इस प्रकार तभी से यहां मां भवानी माता का मंदिर खास तौर से चमत्कारी मां भवानी माता मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है

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