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सरकार गौवंश की तस्करी रोकें और गौ माता को राजमाता का दर्जा देने के कोठारी ने लिखा पत्र।

 

भीलवाड़ा 12सितम्बर । भीलवाड़ा विधायक अशोक कोठारी ने राजस्थान में गौ तस्करी को रोकने और निराश्रित गौवंशों की समस्या को हल करने तथा गौ माता को राजमाता का दर्जा देने की मांग को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा को पत्र दिया है। उन्होंने पत्र की प्रति राज्य के मुख्य सचिव और विधानसभा अध्यक्ष को भी दी है।

​विधायक कोठारी ने अपने पत्र में कहा है कि गौ तस्करी को रोकने के लिए वर्ष 1995 और 2019 में कानून बनाए जाने के बावजूद प्रदेश में लगातार गौवंशों की संख्या कम हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि गौ तस्कर पशु मेलों की आड़ में बड़ी संख्या में गौवंशों को राज्य से बाहर कत्लखानों में ले जा रहे हैं।हाल ही अप्रैल 2025 में बांसवाड़ा जिले के घाटोल थाना क्षेत्र में पुलिस ने 52 वाहनों से 388 गौवंशों को बचाया था। इनमें से 2 गौवंशों की मौत हो गई थी और कई घायल अवस्था में मिले थे। जांच से पता चला कि इन गौवंशों को नागौर के मेड़ता पशु मेले से लाया जा रहा था। इस घटना में माननीय उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का पालना नहीं की गई थी।विधायक कोठारी ने पत्र में राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर के डी.बी. सिविल रिट पिटीशन (पीआईएल) सं. 2009/2015 के आदेशों का जिक्र किया, जिनमें स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। जिसमें ​पशु मेला तभी आयोजित हो जब सरकार सुनिश्चित करे कि उस क्षेत्र में कितने पशुओं की आवश्यकता है।मेले में बिकने वाले हर पशु पर निशान और चिकित्सीय प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। साथ ही ​खरीदार को शपथ पत्र देना होगा कि वह पशु को केवल कृषि कार्य के लिए खरीद रहा है, और उसका किसी भी वधशाला से कोई संबंध नहीं है। इस हेतु अपना राजस्व रिकॉर्ड और जिला कलेक्टर का शपथ पत्र साथ में अनिवार्य होगा।

पशु परिवहन के दौरान चिकित्सीय प्रमाण पत्र के साथ ही, पर्याप्त चारा-पानी, सुरक्षा और स्थान की व्यवस्था होनी चाहिए।

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​एक वाहन में 6 से ज़्यादा पशु नहीं भरे जाने चाहिए, और 3 साल से कम आयु के बछड़ों को राज्य से बाहर ले जाने पर प्रतिबंध है।

उन्होंने उच्च न्यायालय के आदेश कड़ाई से लागू करने की सरकार से मांग की ।

​विधायक अशोक कोठारी ने सरकार से आग्रह किया है कि ​भविष्य में होने वाले सभी पशु मेलों में माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का अक्षरशः कड़ाई से पालना सुनिश्चित की जाए।

पिछले एक साल में बिके गौवंशों की स्थिति का पता लगाने के लिए एक 15 सदस्यीय जांच समिति का गठन हो, जिसमें जनप्रतिनिधि, अधिकारी, संत और गौसेवा से जुड़े गैर-सरकारी संगठन शामिल हों। साथ ही ​सड़कों पर घूम रहे निराश्रित गौवंशों को गौशालाओं में भेजने के लिए सरकार द्वारा दिए गए आदेश की समय- सीमा तय की जाए, ताकि प्रभावी कार्रवाई हो सके।

गौ माता को राजमाता का दर्जा देने की अपील की।कोठारी ने गौ माता को भारतीय संस्कृति का आधार स्तंभ बताते हुए कहा कि गौ माता जनता की आस्था का केंद्र हैं। अनादि काल से प्रभु श्रीराम,कृष्ण , बुद्ध ,महावीर एवं भगवान शिव ने गौमाता और नंदी की महता बताई है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में गौ माता को राजमाता का दर्जा दिया जा चुका है, इसलिए राजस्थान सरकार भी गौ माता को यह दर्जा देकर जनता की भावनाओं का आदर करे। उन्होंने सरकार से राजस्थान में गौ माता को राज्य माता का दर्जा देने की पुरजोर मांग की है।

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देव करण माली भीलवाड़ा राजस्थान

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