
बासनरबद से पट्या की ढाणी होते हुए कोठिया तक जाने वाले लगभग 5 किलोमीटर लंबे मुख्य सड़क मार्ग की स्थिति बेहद खराब है। सड़क पर कचरे और गंदगी के ढेर लगे हुए हैं और पानी भरा हुआ है, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है।

ग्रामीणों के अनुसार बारिश शुरू होने से पहले ही यह रास्ता इतना खराब हो गया है कि अब पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। इस मार्ग से आस-पास की ढाणियों और बस्तियों को जोड़ा जाता है और यही रास्ता नारायणपुर और बानसूर स्थित उपखंड कार्यालय, बिजली विभाग कार्यालय और सरकारी अस्पताल तक जाने का मुख्य मार्ग भी है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के विद्यार्थियों को रोजाना इसी रास्ते से स्कूल और कॉलेज जाना पड़ता है। कीचड़ और गंदगी से लथपथ इस रास्ते पर वाहन चलाना भी नामुमकिन हो गया है, जिससे अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। कई छात्र-छात्राएं बीच में ही पढ़ाई छोड़ने की स्थिति में हैं क्योंकि समय पर स्कूल पहुंचना संभव नहीं हो रहा। इसके अलावा, मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाना भी एक बड़ी चुनौती बन गया है।
समस्या से त्रस्त होकर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने मौके पर एकत्र होकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने कहा कि बार-बार शिकायतों के बावजूद अब तक न तो कोई सफाई हुई और न ही सड़क की मरम्मत। स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, पंचायत समिति और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द इस सड़क की सफाई, मरम्मत कर स्थायी समाधान निकाले।
ग्रामीणों ने कड़े व स्पष्ट शब्दों मे कहा है कि यदि जल्द ही कार्रवाई नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। इस मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और बच्चे उपस्थित थे। युवा नेता राकेश दायमा ने भी ग्रामीणों का समर्थन किया और प्रशासन से जल्द कार्रवाई करने की मांग की।
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