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कलेक्टर ने चोपना में लगाई चौपालभूमि अधिग्रहण पर मुआवजे में वृद्धि के लिए ट्रिब्यूनल करेगा फैसला! कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने भोगईखापा गांव में पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर भरी दोपहर में खटिया पर बैठकर ग्रामीणों की बाते सुनीं। डब्ल्यूसीएल द्वारा सडक़ निर्माण के लिए अधिग्रहित भूमि के विरूद्ध 3 लोगों द्वारा मुआवजा राशि ना लेते हुए उच्च न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किया गया था। उच्च न्यायालय द्वारा मुआवजा राशि में वृद्धि के लिए प्रकरण ट्रिब्यूनल के समक्ष रखे जाने के निर्देश दिए गए।कलेक्टर ने कहा कि उक्त निर्णय के अनुपालन में ग्रामवासी ट्रिब्यूनल के निर्णय तक डब्ल्यूसीएल द्वारा देय राशि का भुगतान लेकर सडक़ का काम प्रारंभ करने पर सहमति दे। उन्होंने कहा कि सडक़ का काम प्रारंभ करने के पूर्व डब्ल्यूसीएल द्वारा ट्रिब्यूनल के निर्णय के अनुपालन में भुगतान के लिए अपनी लिखित सहमति प्रदान करेगी। निर्णय के पश्चात डब्ल्यूसीएल शेष राशि का भुगतान तीनों ग्रामीणों को करेगी।उल्लेखनीय है कि डब्ल्यूसीएल ने ग्राम भोगईखापा के 12 ग्राम वासियों की जमीन अधिग्रहित की थी। 9 लोगों को मुआवजा दिया जा चुका था। 3 लोग जिनकी जमीन लगभग 900 मीटर है, मुआवजा राशि से सहमत नहीं थे और उच्च न्यायालय चले गए। उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि आप लोग ट्रिब्यूनल के माध्यम से मुआवजा राशि का निर्धारण कराएं। तब तक जो मुआवजा डब्ल्यूसीएल द्वारा दिया जा रहा है वह स्वीकार लें। ग्रामीण इस निर्णय पर असहमत थे।डब्ल्यूसीएल देगा लिखित आश्वासनकलेक्टर श्री सूर्यवंशी बुधवार को गांव वालों से उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में मध्यस्थता के लिए ग्रामीणों के बीच पहुंचे थे। उन्होंने तीनों ग्रामीणों को आश्वास्त कराया कि ट्रिब्यूनल के निर्णय के अनुसार डब्ल्यूसीएल कंपनी भुगतान के लिए लिखित सहमति देगी। ग्रामीणों ने उनकी मध्यस्थता को स्वीकार कर अपनी सहमति प्रदान की है। कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने भोगईखापा के ग्रामीणों के साथ डब्ल्यूसीएल और ग्रामीणों के मध्य भूमि अधिग्रहण के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय के आदेश पर चर्चा कर दोनों के मध्य सौहर्द पूर्ण सहमति बनवाई।

 

कलेक्टर ने चोपना में लगाई चौपालभूमि अधिग्रहण पर मुआवजे में वृद्धि के लिए ट्रिब्यूनल करेगा फैसला!

बैतूल:- कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने भोगईखापा गांव में पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर भरी दोपहर में खटिया पर बैठकर ग्रामीणों की बाते सुनीं। डब्ल्यूसीएल द्वारा सडक़ निर्माण के लिए अधिग्रहित भूमि के विरूद्ध 3 लोगों द्वारा मुआवजा राशि ना लेते हुए उच्च न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किया गया था। उच्च न्यायालय द्वारा मुआवजा राशि में वृद्धि के लिए प्रकरण ट्रिब्यूनल के समक्ष रखे जाने के निर्देश दिए गए।कलेक्टर ने कहा कि उक्त निर्णय के अनुपालन में ग्रामवासी ट्रिब्यूनल के निर्णय तक डब्ल्यूसीएल द्वारा देय राशि का भुगतान लेकर सडक़ का काम प्रारंभ करने पर सहमति दे। उन्होंने कहा कि सडक़ का काम प्रारंभ करने के पूर्व डब्ल्यूसीएल द्वारा ट्रिब्यूनल के निर्णय के अनुपालन में भुगतान के लिए अपनी लिखित सहमति प्रदान करेगी। निर्णय के पश्चात डब्ल्यूसीएल शेष राशि का भुगतान तीनों ग्रामीणों को करेगी।उल्लेखनीय है कि डब्ल्यूसीएल ने ग्राम भोगईखापा के 12 ग्राम वासियों की जमीन अधिग्रहित की थी। 9 लोगों को मुआवजा दिया जा चुका था। 3 लोग जिनकी जमीन लगभग 900 मीटर है, मुआवजा राशि से सहमत नहीं थे और उच्च न्यायालय चले गए। उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि आप लोग ट्रिब्यूनल के माध्यम से मुआवजा राशि का निर्धारण कराएं। तब तक जो मुआवजा डब्ल्यूसीएल द्वारा दिया जा रहा है वह स्वीकार लें। ग्रामीण इस निर्णय पर असहमत थे।डब्ल्यूसीएल देगा लिखित आश्वासनकलेक्टर श्री सूर्यवंशी बुधवार को गांव वालों से उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में मध्यस्थता के लिए ग्रामीणों के बीच पहुंचे थे। उन्होंने तीनों ग्रामीणों को आश्वास्त कराया कि ट्रिब्यूनल के निर्णय के अनुसार डब्ल्यूसीएल कंपनी भुगतान के लिए लिखित सहमति देगी। ग्रामीणों ने उनकी मध्यस्थता को स्वीकार कर अपनी सहमति प्रदान की है। कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने भोगईखापा के ग्रामीणों के साथ डब्ल्यूसीएल और ग्रामीणों के मध्य भूमि अधिग्रहण के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय के आदेश पर चर्चा कर दोनों के मध्य सौहर्द पूर्ण सहमति बनवाई।

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