

बाल श्रम बंद करो, हर बच्चे को शिक्षा का अधिकार और बचपन बचाओ देश बनाओ जैसे जागरूकता नारे लिखे तख्तियां और बैनर के साथ सैकड़ों शामिल
विभागीय अधिकारियों ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना
जहानाबाद। जिले में विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग, बिहार सरकार द्वारा जन-जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। शुक्रवार को समाहरणालय स्थित कारगिल चौक से अरवल मोड़ तक यह प्रभात फेरी निकाली गई। इसका उद्देश्य बाल श्रम के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना और बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा तथा बेहतर भविष्य से जोड़ना था। विभागीय अधिकारियों ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसमें विभागीय कर्मियों, विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
प्रतिभागियों ने ‘बाल श्रम बंद करो’, ‘हर बच्चे को शिक्षा का अधिकार’ और ‘बचपन बचाओ, देश बनाओ’ जैसे जागरूकता नारे लिखे तख्तियां और बैनर ले रखे थे। रैली कारगिल चौक से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी और अरवल मोड़ पर समाप्त हुई। इस दौरान लोगों को बाल श्रम के दुष्परिणामों, बच्चों के अधिकारों और बाल श्रम निषेध से संबंधित कानूनी प्रावधानों के बारे में जानकारी दी गई। अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि बच्चों का स्थान विद्यालय में है, कार्यस्थलों पर नहीं, और समाज के हर व्यक्ति को बाल श्रम रोकने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
जहानाबाद के श्रम अधीक्षक मृत्युंजय झा ने इस अवसर पर कहा कि विश्व बाल श्रम निषेध दिवस हमें यह संकल्प लेने का अवसर देता है कि किसी भी बच्चे का बचपन मजदूरी की भेंट न चढ़े। उन्होंने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षा और बेहतर भविष्य उपलब्ध कराने को सामूहिक जिम्मेदारी बताया। झा ने लोगों से अपील की कि यदि कहीं भी बाल श्रम की सूचना मिले तो संबंधित विभाग को जानकारी दें, ताकि त्वरित कार्रवाई हो सके। उन्होंने कहा कि बाल श्रम मुक्त समाज ही विकसित और सशक्त राष्ट्र की पहचान है। कार्यक्रम के समापन पर, उपस्थित सभी लोगों ने बाल श्रम उन्मूलन, बच्चों के अधिकारों की रक्षा और उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का सामूहिक संकल्प लिया।