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खरीफ सीजन 2026 के लिए उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित, वितरण व्यवस्था की एसडीएम ने की समीक्षा,ई-टोकन प्रणाली से होगा पारदर्शी वितरण, जमाखोरी एवं बिचौलियों पर लगेगा प्रभावी अंकुश

संवाददाता धनंजय जोशी

जिला पांढुरना मध्य प्रदेश

खरीफ सीजन 2026 के लिए उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित, वितरण व्यवस्था की एसडीएम ने की समीक्षा,ई-टोकन प्रणाली से होगा पारदर्शी वितरण, जमाखोरी एवं बिचौलियों पर लगेगा प्रभावी अंकुश


खरीफ सीजन 2026 को दृष्टिगत रखते हुए अनुभाग सौसर में उर्वरकों के भंडारण एवं वितरण व्यवस्था की समीक्षा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सौसर श्री सिद्धार्थ पटेल द्वारा की गई। समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि किसानों को समय पर एवं सुगमता से उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा संपूर्ण वितरण व्यवस्था पर सतत निगरानी रखी जाए।

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बैठक में बताया गया कि खरीफ वर्ष 2026 के लिए 01 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 तक कुल 35 हजार मीट्रिक टन उर्वरकों के वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके मुकाबले गत खरीफ वर्ष 2025 की समान अवधि में 32,244 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया गया था।

समीक्षा के दौरान प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार 01 अप्रैल 2026 से 08 जून 2026 तक जिले में कुल 17,208 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध रहा, जिसमें से 9,926 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया जा चुका है। वर्तमान में जिले में 7,282 मीट्रिक टन उर्वरक शेष उपलब्ध है, जिससे आगामी खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित माना जा रहा है।

उर्वरकवार उपलब्धता की समीक्षा में
पाया गया कि जिले में यूरिया, सुपर फॉस्फेट, डीएपी, एमओपी एवं एनपीके सहित सभी प्रमुख उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सहकारी एवं निजी विक्रय केंद्रों पर उर्वरकों की उपलब्धता निरंतर बनाए रखी जाए तथा किसानों को निर्धारित दरों पर ही उर्वरक उपलब्ध कराए जाएं।

बैठक के दौरान एसडीएम श्री सिद्धार्थ पटेल ने कहा कि उर्वरकों का वितरण ई-टोकन प्रणाली के माध्यम से किए जाने से वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित होगी। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था के माध्यम से वास्तविक कृषकों को प्राथमिकता के आधार पर उर्वरक उपलब्ध कराया जा सकेगा तथा अनधिकृत उठाव, जमाखोरी एवं बिचौलियों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में सहायता मिलेगी। साथ ही ई-टोकन आधारित प्रणाली से वितरण प्रक्रिया का सुव्यवस्थित अभिलेखीकरण एवं प्रभावी निगरानी भी संभव होगी।

श्री पटेल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि उर्वरक वितरण की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा किसी भी परिस्थिति में किसानों को उर्वरकों की उपलब्धता में परेशानी न होने दी जाए। उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन के दौरान उर्वरकों की मांग को देखते हुए आवश्यकतानुसार अतिरिक्त भंडारण एवं आपूर्ति की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि किसानों को समय पर पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध हो सके।

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