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हमीरपुर :जिला अस्पताल में बवाल: डॉक्टर से मारपीट व लूटपाट मामले में डकैती व SC/ST एक्ट सहित गंभीर धाराओं में FIR दर्ज

हमीरपुर से ब्यूरो चीफ राजकुमार की रिपोर्ट

हमीरपुर। जिला अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड में मंगलवार को मरीज की मौत के बाद डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के साथ हुई मारपीट, तोड़फोड़ और लूटपाट के मामले में कोतवाली नगर पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने पीड़ित चिकित्सक की तहरीर पर नामजद आरोपी समेत 10-15 अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), एससी/एसटी एक्ट तथा उत्तर प्रदेश चिकित्सा अधिनियम के तहत केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। प्रशासन के आश्वासन के बाद जिला अस्पताल की ओपीडी व अन्य स्वास्थ्य सेवाएं पुनः सुचारु हो गई हैं।

जानकारी के अनुसार बिंवार थाना क्षेत्र के ग्राम अतरार निवासी जितेंद्र सिंह (18) ने संदिग्ध परिस्थितियों में सल्फास का सेवन कर लिया था। गंभीर हालत में परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इमरजेंसी में तैनात डॉ. महेंद्र कुमार सिंह ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे कानपुर रेफर कर दिया। बताया गया कि परिजन मरीज को एम्बुलेंस तक ले गए थे, लेकिन बाद में उसे वापस इमरजेंसी में ले आए। दोबारा जांच के दौरान डॉक्टर ने युवक को मृत घोषित कर दिया, जिसके बाद परिजन और उनके साथ आए लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया।

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आरोप है कि उग्र भीड़ ने डॉ. महेंद्र कुमार सिंह और स्टाफ कर्मियों के साथ मारपीट की। बीच-बचाव करने पहुंचे कर्मचारी विपिन व सुरक्षा गार्ड को भी बेरहमी से पीटा गया। हमलावरों ने अस्पताल में रखी चिकित्सा मशीनों को तोड़ दिया और डॉक्टर का गला घोंटने का प्रयास किया। पीड़ित डॉक्टर ने आरोप लगाया कि हमलावर उनकी सोने की चेन, अंगूठी और हाथ की घड़ी भी लूट ले गए।

घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम, सीओ सदर राजेश कमल और कोतवाली नगर पुलिस भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने डॉ. महेंद्र कुमार सिंह की तहरीर पर ग्राम अतरार निवासी कौशल पुत्र अश्वनी समेत 10-15 अज्ञात लोगों के खिलाफ मु0अ0सं0-92/2026 दर्ज किया है।

मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता की धारा 191(2), 115(2), 121(2), 132, 310(2), 352, 351(2), 324(4), 109 के साथ एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(v), 3(1)(द), 3(1)(ध) तथा उत्तर प्रदेश चिकित्सा अधिनियम की धारा 3A/4 लगाई गई हैं।

घटना के विरोध में कुछ समय के लिए डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों ने कार्यबहिष्कार किया था, जिससे अस्पताल सेवाएं प्रभावित हुईं। हालांकि प्रशासन और पुलिस अधिकारियों द्वारा त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिए जाने के बाद अब ओपीडी, इमरजेंसी समेत सभी स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं।

सीओ सदर राजेश कमल ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें दबिश दे रही हैं और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।

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