
बानसूर। क्षेत्र के गांव बाबरिया में खाद्य सुरक्षा विभाग ने देर रात बड़ी कार्रवाई कर दूध के नाम पर चल रहे मौत के कारोबार का भंडाफोड़ किया है। यहां एक घर में निजी डेयरी के नाम पर सिंथेटिक दूध की अवैध फैक्ट्री चल रही थी। छापे में मौके से 150 लीटर तैयार सिंथेटिक दूध, रिफाइंड पामोलिन तेल के सीलबंद पीपे और लैक्टोस पाउडर के बोरे बरामद हुए।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी शशिकांत शर्मा व नेहा शर्मा की टीम ने बाबरिया के एक घर में दबिश दी। अंदर का नजारा देख अधिकारी भी दंग रह गए। आरोपी मिक्सी में रिफाइंड पामोलिन तेल और लैक्टोस पाउडर मिलाकर जहरीला सिंथेटिक दूध तैयार कर रहा था। कमरे से 45-45 लीटर के तीन सीलबंद तेल के पीपे, 11 खाली पीपे, 35 किलो लैक्टोस पाउडर और दो बड़ी मिक्सी मिलीं। कैनों में 150 लीटर नकली दूध भरा हुआ था।

पूछताछ में सामने आया कि आरोपी कैलाश गुर्जर पिछले डेढ़ साल से यह कार्य कर रहा था। वह रोजाना 400 से 500 लीटर सिंथेटिक दूध बनाकर डेयरियों में सप्लाई करता था। पहले सखी डेयरी में दूध देता था, लेकिन मिलावट पकड़ी जाने पर डेयरी ने लेना बंद कर दिया। इसके बाद सोडावास की एक निजी डेयरी में खपाने लगा।
विभाग ने मौके पर ही 150 लीटर सिंथेटिक दूध, 45 लीटर तेल और 40 किलो लैक्टोस पाउडर नष्ट करवा दिया। दूध के दो सैंपल लेकर जयपुर लैब भेजे गए हैं। रिपोर्ट आते ही आरोपी पर खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई होगी।
घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप है। लोग सोचकर सिहर रहे हैं कि डेढ़ साल से वे तेल-पाउडर मिला यह जहर पी रहे थे। खाद्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि मिलावट की सूचना तुरंत दें।