

हमीरपुर से ब्यूरो चीफ राजकुमार की रिपोर्ट
मौदहा हमीरपुर। बीते पांच दिन पहले हुई तेज आंधी के साथ तेज बारिश से फसलों को मामूली नुकसान हुआ था लेकिन बीती रात हुई बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया जिससे फसलों को काफी नुकसान हुआ है।हालांकि अभी भी किसानों को फसल सूखने के बाद फसल से दाना मिलने की उम्मीद है।वहीं कुछ गावों से ओलावृष्टि की भी सूचना मिल रही है।जबकि रविवार को दोपहर बाद आंधी बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने रही सही किसानो की कमर तोड़ दी।
बीते सप्ताह हुई तेज आंधी के साथ बारिश से गेंहू की फसल को जहां हल्का नुकसान हुआ था और किसान प्रकृति की इस मार के दर्द को सह नहीं पाया था कि बीती शनिवार और रविवार की दरम्यानी रात को सारी रात हुई तेज बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी और शायद किसान इस चोट को सह भी न पाए।जबकि कुछ क्षेत्रों में ओला गिरने की बातें भी कही जा रही हैं।वहीं कुछ किसानों का मानना है कि जो फसल खेतोँ में कटी पडी है हो सकता है कि सूखने के बाद उसमें दाना मिल जाए जबकि खडी फसल सही हो जाएगी। हालांकि इस बारिश से सबसे अधिक गेहूं की फसल प्रभावित हुई है।जबकि रविवार दोपहर बाद तेज हवाओं के साथ हुई बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों को होने वाले नुकसान का आंकलन करने पर मजबूर कर दिया है। जबकि मौजूदा परिप्रेक्ष्य में चना, सरसो का अस्सी प्रतिशत और गेंहू की फसल का पचास प्रतिशत नुकसान होने का अनुमान है।
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जो फसल गिर गई है उसे अगर हार्वेस्टर से काटा जाएगा तो नहीं उठेगी लेकिन अगर मजदूरों द्वारा काटा जाएगा तो कट जाएगी और जिनका चना और लाही कटरने के लिए रह गया है उनका तो बहुत नुकसान है लेकिन गेंहू की फसल का मामूली नुकसान है।लेकिन अब ओला गिरे हैं तो नुकसान ज्यादा होगा।
कृष्ण बिहारी सिंह
किसान ग्राम सिजवाही

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हमारे क्षेत्र में अभी नुकसान नहीं है क्योंकि अधिकांश किसानों की जमीन बंधा में है और बंधा में बुआई देर से हुई है। लेकिन अगर मौसम ऐसे ही रहता है तो आगे नुकसान होना तय है।लेकिन ओला गिरने से फसल खराब होना तय है।
किसान गुलाम अहमद कम्हरिया

फोटो -01,02,03,खेत में पडी फसल और किसान कृष्ण बिहारी सिंह, किसान गुलाम अहमद