
भीषण गर्मी के चलते स्कूल समय सुबह की पाली में करने की मांग, तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ का आग्रह
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
पांढुर्णा। एक अप्रैल 2026 से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत होने जा रही है, लेकिन वर्तमान में पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए विद्यालयों का नियमित समय बनाए रखना व्यवहारिक रूप से कठिन होता जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने शाला समय को सुबह की पाली में करने की मांग उठाई है।
संघ का कहना है कि छोटे-छोटे बच्चों को दोपहर की तेज धूप और अत्यधिक गर्म वातावरण में लंबे समय तक कक्षा में बैठाना न केवल असुविधाजनक है, बल्कि उनके स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक साबित हो सकता है। तेज गर्मी के कारण बच्चों में थकान, डिहाइड्रेशन और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की आशंका बनी रहती है।
ऐसी स्थिति में विद्यार्थियों के हित को सर्वोपरि रखते हुए विद्यालयों के समय में तत्काल परिवर्तन आवश्यक बताया गया है। संघ ने सुझाव दिया है कि यदि शाला संचालन का समय प्रातः 7:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक निर्धारित किया जाता है, तो इससे बच्चों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी और शिक्षण कार्य भी सुचारू रूप से संचालित हो सकेगा।
तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने जिला प्रशासन से मांग की है कि वर्तमान मौसम परिस्थितियों को गंभीरता से लेते हुए विद्यालयों में शीघ्र प्रातःकालीन पाली लागू की जाए, ताकि विद्यार्थियों का स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके और शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावी ढंग से जारी रह सकें।
इस मांग में तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रामगोपाल भोयर, संरक्षक चंद्रशेखर इंगले, महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष नंदिता धुर्वे, सविता कथने, रंजना कोल्हे, सचिव शत्रुघ्न मस्तकर, सुनील यावले, संजय डाबरे, रविन्द्र कोहले, मधुकर चौधरी, डी. बर्वे, मुर्कुटे, तहसील अध्यक्ष शेष राव रेवतकर, ब्लॉक अध्यक्ष प्रदीप ढोबले, शशिकांत बोकड़े, लवहाले, प्रदीप कामोन, ओमकार शाहू सहित अन्य पदाधिकारी प्रमुख रूप से शामिल हैं।