
24 फरवरी 2026
डिण्डौरी:- मीडिया सेल प्रभारी अभियोजन अधिकारी मनोज कुमार वर्मा, जिला डिण्डौरी द्वारा बताया गया कि, थाना समनापुर जिला डिण्डौरी म.प्र. के अप.क्र. 474/2024 एवं सत्र प्र.क्र. एससी 13/2025 आरोपी अनिल सोनवानी पिता पिट्टू दास सोनवासनी, उम्र 20 वर्ष, निवासी ग्राम खरगहना,जिला डिण्डौरी म.प्र.के विरूद्ध धारा 127(4),96,64,64(2)(i), 65(1) एवं लैं.अ.ब.सं.अधि . 2012 की धारा 3,4, के अन्तर्गत आरोप है कि आरोपी के द्वारा अभियोक्त्री का व्यपहरण कर उसके साथ बलात्संग किये जाने व प्रवेशन लैंगिक हमला कारित करने के मामले में शिकायत पर थाना समनापुर, जिला डिण्डौरी म.प्र. द्वारा आरोपी के विरूद्ध प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना पश्चात चालान न्यायालय में पेश किया गया ।
उक्त मामले की सुनवाई करते हुए कमलेश कुमार सोनी, माननीय विशेष न्यायाधीश ,लै.अ.ब.सं.अधि.जिला डिण्डौरी द्वारा आरोपी अनिल सोनवानी पिता पिट्टू दास सोनवासनी, उम्र 20 वर्ष, निवासी ग्राम खरगहना,जिला डिण्डौरी जिला डिण्डौरी म.प्र. को धारा 137(2) में 03 वर्ष कठोर कारावास 1000/- अर्थदण्ड व अर्थदण्ड के व्यतिक्रम में 02 माह का अतिरिक्त कठोर कारावास, धारा 96 में 03 वर्ष कठोर कारावास 1000/- अर्थदण्ड व अर्थदण्ड के व्यतिक्रम में 02 माह का अतिरिक्त कठोर कारावास,धारा 127(4) में 02 वर्ष कठोर कारावास 10000/- अर्थदण्ड व अर्थदण्ड के व्यतिक्रम में 03 माह का अतिरिक्त कठोर कारावास, धारा 65(1) में 20 वर्ष कठोर कारावास 1000/- अर्थदण्ड व अर्थदण्ड के व्यतिक्रम में 02 माह का अतिरिक्त कठोर कारावास, लै.अ.बं.सं.अधि. की धारा 5(I)/6 में 20 वर्ष कठोर कारावास 1000/- अर्थदण्ड व अर्थदण्ड के व्यतिक्रम में 02 माह का अतिरिक्त कठोर कारावास से दण्डित किया गया।
घटना का संक्षिप्त विवरण-
घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है, आरोपी ने दिनांक 21.11.24 को समय करीब 12.00 बजे थाना समनापुर अन्तर्गत फरियादी के घर से 18 वर्ष से कम आयु की अप्राप्तवय अभियोक्त्री को उसके विधिपूर्ण संरक्षक की सरंक्षकता में से उसकी सम्मति के बिना ले जाकर या बहकाकर के ले जाकर, विधिपूर्ण संरक्षकता में से व्यपहरण कारित किया, 18 वर्ष से कम आयु की अप्राप्तवय अभियोक्त्री को अनुचित संभोग करने के लिए विवश या विलुब्ध करने के आशय से या ऐसा संभाव्य जानते हुये उसे अपने घर से घटना स्थल जाने के लिए उत्प्रेरित किया। 18 वर्ष से कम आयु की अभियोक्त्री को एक निश्चित परिसीमा से परे जाने से निवारित कर दस या दस से अधिक दिनों तक उसका सदोष कारित किया साथ ही उसकी इच्छा व सम्मति के बिना बालत्संग कारित किया।16 वर्ष से कम आयु की अप्राप्तवय अभियोक्त्री पर प्रवेशन द्वारा लैंगिक हमला कारित किया। अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया जाता है। विवेचना में संकलित साक्ष्य के आधार पर अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया ।