

हमीरपुर से ब्यूरो चीफ राजकुमार की रिपोर्ट
जनपद हमीरपुर की मौदहा तहसील के छानी गांव में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां के निवासी चंद्रशेखर को राजस्व अभिलेखों में मृत घोषित कर दिया गया, जबकि वह जीवित हैं और खुद को जिंदा साबित करने के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
👉 चंद्रशेखर का आरोप है कि राजस्व टीम और क्षेत्रीय लेखपाल ने सरकारी कागजों में उन्हें मृत दर्ज कर दिया।
👉 जब उन्होंने इस गलती को सुधारने की बात कही तो संबंधित लेखपाल ने सुधार के नाम पर 5 हजार रुपये की मांग की।
👉 परेशान होकर पीड़ित ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है।
प्रशासन पर उठे सवाल
इस मामले के सामने आने के बाद राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल लापरवाही बल्कि भ्रष्टाचार का मामला भी बन सकता है।
संभावित असर
मृत घोषित होने से बैंक खाते, पेंशन, जमीन-जायदाद और सरकारी योजनाओं का लाभ प्रभावित होता है।
कानूनी पहचान और सामाजिक अस्तित्व पर भी संकट खड़ा हो जाता है।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और चंद्रशेखर को कब तक न्याय मिल पाता है।
