

हमीरपुर से ब्यूरो चीफ राजकुमार की रिपोर्ट
सुमेरपुर हमीरपुर। देशभक्तों की देश के प्रति भूमिका के मद्देनजर वर्णिता संस्था के तत्वावधान में विमर्श विविधा के अन्तर्गत जिनका देश ऋणी है के तहत संस्था के अध्यक्ष डा. भवानीदीन ने कूका विद्रोह के सूत्रधार रामसिंह कूका की जयंती पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि रामसिंह वास्तव में मातृभूमि के सच्चे देशभक्त थे। इनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। इनका जन्म पंजाब के लुधियाना भैणी गांव में 3 फरवरी 1816 को जस्सा सिंह और सदा कौर के घर हुआ था। ये प्रारम्भ से ही देशसेवी सोच के थे। इन्होंने बहुत पहले असहयोग आंदोलन को चलाया था। विदेशी वस्त्रों का बहिष्कार तथा स्वदेशी के अपनाने जैसे कई कार्यक्रमों का अभियान गांधी जी से पहले ही चला रखे थे। कालांतर में इनका 1885 में निधन हो गया था। इस कार्यक्रम में सिद्धा, प्रेम, सागर, प्रिन्स, रिचा, महावीर प्रजापति, पंकज सिंह, रामनरायन सोनकर, विकास, सतेन्द्र, राहुल प्रजापति आदि शामिल रहे।
