

दीपावली पर्व 20 अक्टूबर को मनाया जायेगा- सेवाअधिकारी संजय लवानियां
रिपोर्टर मनमोहन गुप्ता कामां डीग 9783029649
कामां – दीपावली का पर्व हर साल कार्तिक महीने में अमावस्या तिथि को मनाया जाता है। हिंदू धर्म में दीपावली पर्व का बड़ा ही महत्व है। यह धनतेरस से शुरू होने वाले पंचदिवसीय पर्व का प्रमुख त्योहार है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान राम 14 वर्ष का वनवास पूरा करके जब अयोध्या लौटे थे तब उनके आगमन की खुशी में दीपावली का त्योहार मनाया गया था। वैसे दिवाली की कई अन्य कथाएं और मान्यताएं हैं। लेकिन सभी कथाओं और मान्यताओं में दीपावली को देवी लक्ष्मी की कृपा पाने का दिन बताया गया है।
मन्दिर विमल बिहारी क़े सेवाअधिकारी संजय लवानिया ने बताया कि पंचांग की गणना के अनुसार अबकी बार कार्तिक अमावस्या 20 अक्टूबर 2025 को है। लक्ष्मी पूजा मुहूर्त 20 अक्टूबर 2025 को दोपहर 03 बजकर 44 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन 21 अक्टूबर को शाम 05 बजकर 54 मिनट पर समाप्त होगी ।
18 अक्टूबर को धनतेरस ,19 अक्टूबर को रूपचौदस ,20 अक्टूबर को दीपावली ,22 अक्टूबर को अन्नकूट व गोवर्धन पूजा तथा 23 अक्टूबर को भाई दूज का त्योहार मनाया जायेगा।
दीपावली पर गृहस्थ लोग प्रदोष काल में स्थिर लग्न के समय भगवान गणेश, देवी लक्ष्मी और कुबेर महाराज की पूजा करते हैं। व्यापारी लोग इस दिन अपना खाता बही बदलते हैं। इसलिए व्यापारियों का नया वर्ष भी इसी दिन से शुरू होता है। गुजरात में दिवाली से ही महालक्ष्मी वर्ष का आरंभ माना जाता है।
दीपावली के दिन महालक्ष्मी अपने वाहन उल्लू पर सवार होकर पृथ्वी भ्रमण के लिए आती हैं। इसलिए लोग अपने घर और छत की सफाई करते है। घर में रंगोली बनाकर देवी लक्ष्मी का स्वागत करते हैं।