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सरना धर्मकोड की सबसे बड़ी विरोधी है कांग्रेस पार्टी आज आदिवासी हितैषी होने का ढोंग कर रही : बड़कुंवर गागराई पूर्व मंत्री

आज कांग्रेस जिस सरना धर्म कोड लागू करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रही है आदिवासी समाज को खुद का हितैषी बताकर ठगने का काम कर रही है
कांग्रेस पार्टी पहले इसका जबाब दे कि जब सरना धर्म कोड देश में लागू था तो 1961 में इसे धर्म कोड से हटाया क्यों ?
आज तो झारखंड में आदिवासी वोट बैंक की राजनीति करने में लगी हुई ।
इनके ही कैबिनेट के एक मंत्री कहते है वो संविधान को नही शरीयत को मानते है संविधान तो हाथ में है
कांग्रेस पार्टी आदिवासी समाज घृणा करती है जब इनकी सरकार केंद्र में थी तब इनके ही इशारे पर सरायकेला गोलीकांड और गुवा गोलीकांड जैसी अविस्मरणीय घटना हुई उस वक़्त कांग्रेस का ये आदिवासी प्रेम कहाँ सोया था ?
श्री गागराई ने कहा – कांग्रेस पार्टी जनता को झूठ बोलकर सत्ता में आयी आज जब जनकल्याण के कार्य करने चाहिए सारे कार्य छोड़कर केवल बेकार की राजनीति करने में लगी हुई है ।
कांग्रेस शुरू से ही आदिवासी विरोधी पार्टी रही है आज ये दिखावा क्षेत्र के आदिवासी समझ रहे है विगत 65 वर्षों तक शासन में हो भाषा को 8वीं अनुसूची में शामिल न कर सकी , आज़ादी के बाद जब झारखंड राज्य बनाने की मांग को लेकर अनदेखा किया यही भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार ने झारखंड बनाने का काम किया और आदिवासी समाज से मुख्यमंत्री देने का काम किया ।
आज झारखंड में हर दिन आदिवासी बेटियों पर अत्याचार हो रहे है लेकिन दोषियों पर कार्यवाही की जगह उसे सम्मान और नौकरी दिया जा रहा है ।
कांग्रेस झामुमो राजद ये सब मिलकर राज्य को बर्बाद करने की नीति लेकर आये है ।
जहां आज का आदिवासी स्वास्थ्य , शिक्षा , रोजगार , लाखो युवा नौकरी के लिए राज्य से पलायन कर चुके है लेकिन वर्तमान निकम्मी सरकार राज्य के हर ग्राम में शराब के ठेके खुलवाना चाहती है ।
आदिवासी को वनवासी वाले मामले पर उन्होंने कहा – जिस प्रकार शुद्ध हिंदी में जंगल को वन कहा जाता आदिवासी जंगल के निवासी है उसी जंगल को हिंदी भाषा के पर्यायवाची शब्द में वन कहा जाता है इसमें कोई तथ्य नही है ।
कांग्रेस और ठगबंधन जनता से किये हुए वादे से बचने के लिए ये गंदी राजनीति कर रही है ।

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