प्रसव के दौरान जच्चा व बच्चा की मौत, लापरवाही का आरोप
बरेली के अलीगंज थाना क्षेत्र के गांव जोगीठेर की महिला रिन्को देवी को उसके पति द्वारिका प्रसाद प्रसव पीड़ा के बाद गैनी स्थित ब्रह्मदेव अस्पताल में लेकर गए। वहाँ पर झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से महिला के बच्चे की प्रसव के दौरान शनिवार दोपहर 12 बजे के करीब मौत हो गई। इसके बाद रिन्को देवी की तबीयत अत्यधिक बिगड़ने के बाद उसके परिजन उसे बरेली के निजी अस्पताल लेकर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उसने भी दम तोड़ दिया।
इसी अस्पताल में बीते 30 सितंबर को नोडल अधिकारी एवं डिप्टी सीएमओ डॉक्टर सुचिता गंगवार के नेतृत्व में टीम ने अचानक छापेमारी की जहाँ पर अस्पताल में जाँच के दौरान संचालक द्वारा कोई भी अभिलेख नहीं दिखाये गए। अभिलेख नहीं दिखाने पर टीम ने नोटिस दिया लेकिन संचालक ने नोटिस लेने से इंकार कर दिया। इसके बाद थाना पुलिस को बुलाना पड़ा। पुलिस के पहुँचने के बाद काफी समय तक अस्पताल परिसर में हंगामे की स्थिति बनी रही।
नोडल अधिकारी ने बताया कि मीरगंज स्थित ब्रह्मदेव अस्पताल के पते वाले पर्चे गैनी स्थित ब्रह्मदेव अस्पताल में इस्तेमाल किए जा रहे थे। विभाग ने इसे नियम के विरुद्ध बताते हुए संचालक को जवाब देने के लिए नोटिस जारी किया था। उनका कहना था कि यदि डॉक्टर दो स्थानों पर मरीज देखते हैं तो संबंधित स्थान का पर्चा उसी स्थान के पते का होना चाहिए। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अलीगंज, गैनी में एक्सरे व अल्ट्रासाउंड और पैथोलॉजी लैब पर भी छापेमारी की लेकिन नतीजा शून्य रहा। क्योंकि बावजूद इसके झोलाछाप डॉक्टर धड़ल्ले से मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं।
पुलिस ने मृतका के शव का पोस्टमार्टम कराया है।
मृतका के परिजनों ने अस्पताल संचालक के खिलाफ लापरवाही का आरोप लगाया है।
आंवला सीओ हेमन्त उपाध्याय का कहना है कि मृतक के परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है।
तहरीर मिलने के बाद आगे की कार्यवाही की जायेगी।
