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हाईवे की गुणवत्ता पर लोक अदालत सख्त, 24 अक्टूबर को जवाब तलब , सड़क बनी, लेकिन झटकों से नही मिली राहतउपली कोठी स्थित शिवालय का पांचवा स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया, भक्तों ने काटा केक, की शिव आराधनापुलिस की सरपरस्ती में हो रहाअवैध खनन की मिट्टी लदी ट्रैक्टर ट्राली से मासूम की मौतप्रसव के दौरान जच्चा व बच्चा की मौत, लापरवाही का आरोपAKHAND BHARAT BULLET NEWSबखोरापुर मंदिर में अष्टमी पर उमड़ा आस्था का सैलाबएडवोकेट नरेश कुंडारा बने युवा प्रकोष्ठ के दौसा जिलाध्यक्ष जयपुर/दौसा | डॉ. अंबेडकर मेमोरियल वेलफेयर सोसाइटी राजस्थान (झालाना सांस्थानिक क्षेत्र, जयपुर) ने संगठन कपेयजल संकट को लेकर कांग्रेस विधायक ने उठाई थी आवाज, आखिरकार ग्रामीणों को मिली राहतचार साल से सीएम विंडो पर लंबित शिकायत, गलत निस्तारण का आरोप; मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांगपूंछ पुलिस ने 1 अक्टूबर 2026 को पूंछ में आर्मी बैरियर गेट के पास वाहन की चेकिंग के दौरान मकसूद अहमद के कब्जे से लगभग 15-20 ग्राम चरस बरामद करने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया। * आरोपहाईवे की गुणवत्ता पर लोक अदालत सख्त, 24 अक्टूबर को जवाब तलब , सड़क बनी, लेकिन झटकों से नही मिली राहतउपली कोठी स्थित शिवालय का पांचवा स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया, भक्तों ने काटा केक, की शिव आराधनापुलिस की सरपरस्ती में हो रहाअवैध खनन की मिट्टी लदी ट्रैक्टर ट्राली से मासूम की मौतप्रसव के दौरान जच्चा व बच्चा की मौत, लापरवाही का आरोपAKHAND BHARAT BULLET NEWSबखोरापुर मंदिर में अष्टमी पर उमड़ा आस्था का सैलाबएडवोकेट नरेश कुंडारा बने युवा प्रकोष्ठ के दौसा जिलाध्यक्ष जयपुर/दौसा | डॉ. अंबेडकर मेमोरियल वेलफेयर सोसाइटी राजस्थान (झालाना सांस्थानिक क्षेत्र, जयपुर) ने संगठन कपेयजल संकट को लेकर कांग्रेस विधायक ने उठाई थी आवाज, आखिरकार ग्रामीणों को मिली राहतचार साल से सीएम विंडो पर लंबित शिकायत, गलत निस्तारण का आरोप; मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांगपूंछ पुलिस ने 1 अक्टूबर 2026 को पूंछ में आर्मी बैरियर गेट के पास वाहन की चेकिंग के दौरान मकसूद अहमद के कब्जे से लगभग 15-20 ग्राम चरस बरामद करने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया। * आरोप
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हाईवे की गुणवत्ता पर लोक अदालत सख्त, 24 अक्टूबर को जवाब तलब , सड़क बनी, लेकिन झटकों से नही मिली राहत

डिंडौरी। जिले में निर्मित राष्ट्रीय राजमार्ग की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। सड़क बनकर तैयार हो चुकी है, लेकिन वाहनों को लगने वाले झटकों और सड़क की ढलान में कथित तकनीकी…

हाईवे की गुणवत्ता पर लोक अदालत सख्त, 24 अक्टूबर को जवाब तलब , सड़क बनी, लेकिन झटकों से नही मिली राहत
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डिंडौरी। जिले में निर्मित राष्ट्रीय राजमार्ग की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं।

सड़क बनकर तैयार हो चुकी है, लेकिन वाहनों को लगने वाले झटकों और सड़क की ढलान में कथित तकनीकी खामियों को लेकर परेशानी बनी हुई है। मामले में अधिवक्ता सम्यक जैन एवं केके सोनी द्वारा लोक उपयोगी लोक अदालत में आवेदन प्रस्तुत किया गया है।

जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर प्रथम जिला न्यायाधीश एवं लोक उपयोगी लोक अदालत के अध्यक्ष डी.एस. मंडलोई ने लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग जबलपुर के कार्यपालन यंत्री को नोटिस जारी कर 24 अक्टूबर 2026 को उपस्थित होकर जवाब देने के निर्देश दिए हैं।

सड़क की राइडिंग सरफेस पर सवाल, कम गति में भी संतुलन बिगड़ने का खतरा
आवेदकों ने सड़क की राइडिंग सरफेस, ढलान, ग्रेडिएंट, पुलों के एप्रोच और अन्य तकनीकी पहलुओं पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सड़क पर वाहनों को लगने वाले झटकों की समस्या लगातार बनी हुई है जो निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है तथा इसकी गुणवत्ता एवं समतलता में कमी है।

सड़क की ऊपरी सतह, ऊंचाई और ढलान में उचित तालमेल नहीं होने से वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। ऐसी स्थिति में कम गति पर भी वाहन का संतुलन बिगड़ने का खतरा पैदा हो रहा है, जो सड़क सुरक्षा के लिहाज से गंभीर विषय है।

निर्माण पूरा, तो खामियों की जिम्मेदारी किसकी ? राष्ट्रीय राजमार्ग जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी यदि तकनीकी समस्याएं बनी रहती हैं, तो उनकी जांच और समाधान जरूरी है।

आवेदकों ने निर्माण की गुणवत्ता, निर्धारित मानकों के पालन तथा संबंधित अधिकारियों और कंसल्टेंट की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। मामला केवल सड़क पर झटके लगने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वाहन चालकों की सुरक्षा से भी जुड़ा है।

ऐसे में सड़क की तकनीकी जांच कर यह पता लगाना जरूरी है कि समस्या की वजह क्या है और इसे दूर करने की जिम्मेदारी किसकी है। 24 अक्टूबर की सुनवाई पर नजर
लोक उपयोगी लोक अदालत ने संबंधित विभाग को नोटिस जारी कर 24 अक्टूबर 2026 को जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

नोटिस में जवाब नहीं देने पर एकपक्षीय कार्रवाई कर प्रकरण का निराकरण किए जाने की चेतावनी भी दी गई है। अब सबकी नजर विभाग के जवाब पर है।

देखना होगा कि सड़क की गुणवत्ता को लेकर उठाए गए सवालों पर विभाग क्या पक्ष रखता है और वाहन चालकों की परेशानी दूर करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं