वर्षों की परंपरा का गवाह बना हरखपुर का ऐतिहासिक मेला, उमड़ा जनसैलाब; पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी से शांतिपूर्ण संपन्न
मान्धाता (प्रतापगढ़)। गांवों की मिट्टी में रची-बसी परंपराएं केवल इतिहास नहीं होतीं, बल्कि हमारी संस्कृति और सामाजिक एकता की पहचान भी होती हैं। कुछ ऐसा ही नजारा नगर पंचायत मान्धाता के हरखपुर वार्ड नंबर-9 स्थित कोलिख पुरवा चौराहे पर लगे वर्षों पुराने ऐतिहासिक मेले में देखने को मिला। मेले में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की चहल-पहल से पूरा मेला क्षेत्र गुलजार रहा।
मेले में लगी दुकानों पर लोगों की भीड़ दिखाई दी। बच्चों में खासा उत्साह रहा तो वहीं बुजुर्गों के चेहरों पर वर्षों पुरानी यादें ताजा होती नजर आईं। यह मेला सिर्फ खरीदारी और मनोरंजन का केंद्र नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा, आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का जीवंत उदाहरण बना रहा।
मेले को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में हरखपुर वार्ड नंबर-9 के सभासद प्रतिनिधि धर्मेंद्र सिंह का सराहनीय योगदान रहा। इसके साथ ही मुकेश शर्मा, सजीवन पटेल, नितिन गुप्ता, भोलानाथ पटेल, फूलचंद पटेल एवं भूतपूर्व प्रधान सुरेश चंद्र ने भी महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। वहीं पूर्व जिला पंचायत सदस्य हरिवंश सिंह का सहयोग भी सराहनीय रहा।
मेले की व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर मान्धाता पुलिस प्रशासन की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। पुलिस प्रशासन की सक्रियता और मुस्तैदी के चलते मेला बिना किसी अप्रिय घटना के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
क्षेत्रवासियों ने मेले के सफल आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों, जनप्रतिनिधियों तथा मान्धाता पुलिस प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
परंपरा बची रहे, संस्कृति आगे बढ़ती रहे…
आज के आधुनिक दौर में जब गांवों की पुरानी परंपराएं धीरे-धीरे पीछे छूटती जा रही हैं, ऐसे में हरखपुर का यह ऐतिहासिक मेला अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोए हुए है। यह मेला संदेश देता है कि गांव की असली पहचान उसकी एकता, परंपरा और आपसी भाईचारे में ही बसती है।
