मां चंडिका धाम जाने वाली सड़क पर ओवरलोड वाहनों और अतिक्रमण का तांडव, जनता परेशान
डबल इंजन सरकार में विकास के दावों के बीच सड़क की बदहाली बनी मुसीबत, स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों में भय का माहौल
मिर्जापुर। जनपद मिर्जापुर के विकासखंड पहाड़ी क्षेत्र में ब्लॉक मुख्यालय से हाईवे तथा हाईवे से मां चंडिका धाम, बेलवन की ओर जाने वाली सड़क इन दिनों बदहाली, अतिक्रमण और भारी वाहनों के आवागमन के चलते गंभीर समस्या का रूप लेती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क पर लगातार ओवरलोड ट्रक, हाईवा और ट्रैक्टरों के आवागमन से सड़क की स्थिति खराब हो रही है, वहीं धूल, गड्ढों और भारी वाहनों के दबाव के कारण राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं साइकिल से स्कूल जाते हैं। भारी वाहनों की आवाजाही के बीच बच्चों को सड़क पर निकलने में डर लग रहा है। अभिभावकों को भी अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार कई स्थानों पर सड़क की स्थिति ऐसी हो गई है कि दोपहिया वाहन चालकों, बुजुर्गों और पैदल राहगीरों को भी सावधानीपूर्वक आवागमन करना पड़ रहा है।
तीन कंपनियों के वाहनों से बढ़ा दबाव—ग्रामीणों का आरोप
राष्ट्रीय लोक मोर्चा पार्टी के प्रदेश महासचिव एवं प्रदेश मीडिया प्रभारी अनीश कुमार ओझा ने ग्रामीणों की समस्या को उठाते हुए कहा कि क्षेत्र में संचालित तीन कंपनियों के कार्यों के कारण भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ी है। ग्रामीणों का आरोप है कि ओवरलोड वाहनों के लगातार गुजरने से सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और क्षतिग्रस्त हिस्से दिखाई देने लगे हैं।
उन्होंने कहा कि यदि भारी वाहनों के आवागमन और ओवरलोडिंग पर प्रभावी नियंत्रण नहीं लगाया गया तो आने वाले समय में समस्या और गंभीर हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि संबंधित विभाग मौके पर पहुंचकर सड़क की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करें तथा भारी वाहनों के आवागमन और ओवरलोडिंग की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
शिक्षक ने लगाई गुहार—‘बच्चे स्कूल कैसे पहुंचें?’
ग्रामीण क्षेत्र के शिक्षक और अभिभावक भी सड़क की स्थिति को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि बच्चों को प्रतिदिन इसी मार्ग से विद्यालय जाना पड़ता है। भारी वाहनों के बीच साइकिल से स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं के सामने सुरक्षा का सवाल खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की स्थिति जल्द नहीं सुधारी गई तो किसी अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि विद्यालय आने-जाने वाले समय में भारी वाहनों के आवागमन की व्यवस्था की जाए तथा सड़क की मरम्मत तत्काल कराई जाए।
बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों की बढ़ी परेशानी
सड़क की खराब हालत का असर केवल विद्यार्थियों पर ही नहीं, बल्कि बुजुर्गों, महिलाओं, किसानों, मजदूरों और रोजाना आवागमन करने वाले लोगों पर भी पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार गड्ढों और भारी वाहनों के कारण मोटरसाइकिल से निकलना भी चुनौतीपूर्ण हो गया है। धूल के कारण भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि मां चंडिका धाम जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल की ओर जाने वाला मार्ग होने के कारण इस सड़क पर श्रद्धालुओं का भी आवागमन रहता है। ऐसे में सड़क की खराब स्थिति और भारी वाहनों की आवाजाही पर तत्काल ध्यान दिया जाना जरूरी है।
नवरात्र से पहले सड़क दुरुस्त कराने की मांग
ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग सहित जिला प्रशासन से मांग की है कि नवरात्र से पहले सड़क की मरम्मत कराकर उसे आवागमन योग्य बनाया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे लोकतांत्रिक तरीके से धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को मौके पर भेजकर जांच कराने, सड़क की गुणवत्ता एवं वर्तमान स्थिति का निरीक्षण कराने तथा आवश्यक कार्रवाई कराने की मांग की है।
‘कार्यालय में बैठकर नहीं, मौके पर पहुंचकर देखें अधिकारी’
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की वास्तविक स्थिति का आकलन कार्यालय में बैठकर नहीं किया जा सकता। अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर सड़क का निरीक्षण करना चाहिए और ग्रामीणों से सीधे उनकी समस्याएं सुननी चाहिए। जनता का कहना है कि कागजों में सड़क ठीक दिखाई देने और जमीन पर सड़क की वास्तविक स्थिति में अंतर नहीं होना चाहिए।
राष्ट्रीय लोक मोर्चा पार्टी के प्रदेश महासचिव एवं प्रदेश मीडिया प्रभारी अनीश कुमार ओझा ने कहा कि छात्र, नौजवान, किसान, मजदूर और आम जनता की समस्याओं को लेकर उनकी पार्टी लगातार आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि बेलवन और मां चंडिका धाम जाने वाले मार्ग की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए तथा ओवरलोड वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई की जाए।
अब देखना यह है कि ग्रामीणों की शिकायत और सड़क की बदहाली को लेकर जिला प्रशासन एवं लोक निर्माण विभाग कब तक ठोस कदम उठाता है और नवरात्र से पहले इस महत्वपूर्ण मार्ग की स्थिति में सुधार हो पाता है या नहीं।
