सिरसी बांध की सड़क बदहाल, आवागमन में भारी परेशानी
गड्ढों में तब्दील सड़क से स्कूली बच्चों, व्यापारियों और ग्रामीणों की बढ़ी मुश्किलें, जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब की मांग
मिर्जापुर। जनपद मिर्जापुर के मड़िहान क्षेत्र में स्थित सिरसी बांध की सड़क की हालत इन दिनों बेहद खराब बताई जा रही है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और जर्जर स्थिति के कारण स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की बदहाली का असर आम राहगीरों के साथ-साथ स्कूली बच्चों, शिक्षकों, व्यापारियों और क्षेत्र के अन्य लोगों पर भी पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क की खराब स्थिति के कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी हो रही है, वहीं व्यापारियों और ग्रामीणों को रोजमर्रा के कार्यों के लिए आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दौरान सड़क की स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो जाने की बात ग्रामीणों द्वारा कही जा रही है।
शिकायतों के बावजूद नहीं हुआ अपेक्षित सुधार
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की समस्या के संबंध में मड़िहान विधायक सहित जिलाधिकारी, लोक निर्माण विभाग (PWD) तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से जुड़े अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद सड़क की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं होने से लोगों में नाराजगी है।
ग्रामीणों का सवाल है कि जब लंबे समय से सड़क की बदहाली की जानकारी जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाई जा चुकी है, तो आखिर मरम्मत और सुधार कार्य कब शुरू होगा? स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से सड़क का स्थलीय निरीक्षण कराकर जल्द से जल्द आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
‘गड्ढामुक्त सड़क’ के दावे पर ग्रामीणों के सवाल
प्रदेश में सड़कों को बेहतर और गड्ढामुक्त बनाने के लिए सरकार की ओर से समय-समय पर योजनाओं और अभियानों की बात कही जाती रही है। ऐसे में सिरसी बांध क्षेत्र की सड़क की वर्तमान स्थिति को लेकर ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि जमीनी स्तर पर सड़क सुधार की स्थिति क्या है और इस मार्ग की मरम्मत के लिए जिम्मेदार विभाग की कार्ययोजना क्या है?
ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर सड़क की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करें और समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में कार्यवाही करें, ताकि स्कूली बच्चों, व्यापारियों, किसानों और आम राहगीरों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।
अब देखना यह है कि ग्रामीणों की लगातार उठ रही मांग के बाद संबंधित विभाग कब तक इस सड़क की सुध लेता है और कब तक लोगों को जर्जर सड़क से राहत मिलती है।